कलेक्ट्रेट में सोशल डिस्टेसिंग की खुलेआम उड़ी धज्जियां

चक्काजाम के बाद खुली जिम्मेदारों की नींद

अफवाह के चलते सैकड़ा भर से अधिक ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट

(Amit Dubey+8818814739)
शहडोल। जिला संयुक्त कार्यालय परिसर के अंदर तथाकथित अधिवक्ताओं द्वारा ऋण माफी का मायाजाल फैलाया गया, महज 2 से 4 पन्नों के फार्म मनमाने दामों पर बेचे गये, किसी ने आवेदन बनाने के 400 लिये तो, किसी ने फोटो कापी के एक पन्ने के 100 से 300 तक वसूल लिये, फार्म भरने के बाद ग्रामीण उसे कलेक्टर कार्यालय की आवक-जावक शाखा में जमा कर रिसीव लेने लगे। फार्म भरने व सैकड़ों का शुल्क लेने वालों ने इस बात का भ्रम फैलाया कि जब सब फार्म सम्मलित हो जायेंगे तो, हजारों का ऋण शासन माफ कर देगा।
आवक-जावक में जमा हुए थे आवेदन
जिला संयुक्त कार्यालय में हर दिन सैकड़ों की संख्या में जिले के गोहपारू, जयसिंहनगर सहित अन्य तीनों विकास खण्डों से ग्रामीण महिलाएं व पुरूष ऋण माफी का आवेदन लेकर यहां जमा करने लगे। अंदर ही अंदर चल रहे इस खेल में दर्जनों दलाल भी पैदा हो गये, जो ऋण माफी का आवेदन भरने और ऋण माफ कराने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी भी करने लगे। बीते कुछ माहों के दौरान सैकड़ों आवेदन जमा होने लगे, आवक-जावक शाखा में इसे सामान्य प्रक्रिया समझकर पावती दी जाती रही।
ऋण के नाम पर लाखों का जुगाड़
महज आवेदन भरने के नाम पर ही तथा कथित दो अधिवक्ताओं ने गरीबों से लाखों का खेल कर लिया, धीरे-धीरे ऋण माफी चाहने वालों का दायरा बढ़ता गया और यह संख्या हजारों में पहुंच गई। जब ग्रामीण तथाकथित दलालों और अधिवक्ताओं से इस संदर्भ में ऋण माफी की घोषणा और तारीख का दबाव डालने लगे तो, यह बात सामने आई कि यह पूरा खेल तथाकथित अधिवक्ताओं और चंद दलालों के द्वारा खेला जा रहा है, ऐसी स्थिति में दलालों ने अपनी पोल खुलने के फेर में प्रशासन पर दबाव डालने के लिए अंदर ही अंदर खेल-खेला और बिना किसी पूर्व सूचना के सोमवार की दोपहर जब सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाएं व पुरूष विभिन्न क्षेत्रों से एक साथ यहां पहुंचे तो, प्रशासन के कान खड़े हो गये।
ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
सोमवार की दोपहर करीब 3 बजे के आस-पास ऋण माफी का आवेदन लेकर सैकड़ो महिलाएं कलेक्टर कार्यालय में डटी रही, लेकिन जब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का भान हुआ तो, उनके होश उड़ गये, कलेक्टर के उनसे न मिलने और पूर्व में जमा हुए आवेदनों को वापस करने के कारण ग्रामीण महिलाएं बिफर उठी, जब उन्हें जिला संयुक्त कार्यालय से बाहर किया गया तो, पूरा जयस्तंभ चौक महिलाओं की भीड़ से भर गया, महिलाएं सड़क पर बैठ गई और चौराहे में जाम की स्थिति निर्मित हो गई।
पुलिस ने सम्हाला मोर्चा
आधे से एक घंटे के दौरान जयस्तंभ चौक में तीनों तरफ की सड़कों पर जाम लग गया, पुलिस लाईन से सूबेदार अभिनव राय, डीएसपी यातायात अखिलेश तिवारी सहित कोतवाली टीआई और मातहत वर्दीधारी मौके पर पहुंचे, लगातार समझाईश और महिला पुलिस कर्मियों द्वारा प्रदर्शन कर रही महिलाओं को जबरजस्ती सड़क से हटाने के बाद स्थिति सामान्य हुई, हालाकि एसडीएम व अन्य अधिकारी मौके पर थे।

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