ऑपरेशन शंखनाद @ जानिए पुलिस ने किस-किस सूदखोर को पकड़ा और किसने कितना किया गड़बड़झाला

शहडोल पुलिस का सूदखोरों पर शिकंजा

“ऑपरेशन शंखनाद”

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई

ताबड़तोड़ कार्यवाही

शहडोल । कोयलांचल क्षेत्र में काफी समय से विभिन्न माध्यमों से शहडोल के पुलिस अधीक्षक को यह सूचनायें प्राप्त हो रही थी कि भोले- भाले आदिवासी संवर्ग के लोगों को क्षेत्र के प्रभावशाली वर्ग के द्वारा छोटी-मोटी कर्ज के रूप में नगदी रकम अथवा उपयोग की वस्तुओं को देकर उनकी वसूली अनवरत कर ऐसे व्यक्तियों को कर्ज से मुक्त नहीं होने देते हैं पुलिस अधीक्षक शहडोल ने इस प्रकार की सूचना के आधार पर जिले के प्रभावशाली पुलिस अधिकारियों
की एक टीम इस कार्य में लगाई और परिणामस्वरूप 24मार्च को पुलिस की सक्रियता की जानकारी प्राप्त होने पर फरियादी रमई बैगा पिता गुमानी बैगा निवासी बंगवार कॉलोनी धनपुरी के द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल को सीधे सूचना दी गई कि धनपुरी निवासी कालू सिंधी उर्फ अनिल जसवानी एवं राकेश गुप्ता इससे खाली चेकों में हस्ताक्षर कराकर स्वयं राशि अंकित करते हुए कूट रचना करते हुए इसके खाते से 4,90,000 रूपये की क्षति पहुंचाये हैं। सूचना को गंभीरता से लेकर पुलिस अधीक्षक के द्वारा थाना प्रभारी धनपुरी को तत्काल वैधानिक कार्यवाही करने का निदेश दिया गया।

थाना प्रभारी धनपुरी द्वारा तत्परता से उपरोक्त आरोपीगणों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। इसी क्रम में 25 मार्च को ही फरियादी सुनीता वर्मा पति स्व0 अशोक वर्मा निवासी वार्ड नं. 3 धनपुरी की थाना धनपुरी में उपस्थित होकर लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत की कि धनपुरी निवासी मुनव्वर अली तथा जवाहर जसवानी इससे अधिक व्याज वसूलने के लिए हस्ताक्षर किये खाली चेक रखकर कूट-रचना कर धोखाधड़ी किये हैं।

पीड़िता इनकी बातों पर विश्वास करके 1,70,000 रूपये का लोन लिया। फरियादिया द्वारा मुनव्वर अली तथा जवाहर जसवानी से हस्ताक्षर किये गए खाली चेक व शपथ पत्र वापस मांगा तो नहीं दे रहे हैं। पीड़िता की रिपोर्ट पर उपरोक्त दोनों आरोपीगणों के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान एवं म0प्र0 ऋणियों का संरक्षण अधिनियम पंजीबद्ध कर वैधानिक
कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक शहडोल द्वारा बनाये गए अनुकूल वातावरण तथा सूदखोरों के विरूद्ध छेड़ी गई कार्यवाही के परिणामस्वरूप फरियादी एस0के0 देवांगन पिता डी०एस० देवांगन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक, भारतीय जीवन बीमा निगम बुढ़ार भी थाना धनपुरी में उपस्थित आकर आरोपी बृजवासी अग्रवाल, त्रिवेणी अग्रवाल एवं अरूण अग्रवाल के विरूद्ध सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया कि बीमा एजेंट ब्रजवासी अग्रवाल व उसकी पत्नी त्रिवेणी तथा लड़का अरूण अग्रवाल छल पूर्वक बीमाधारकों से धोखाधड़ी कर कूटरचना करते हुए बीमा धारकों की पॉलिसी में से लोन अथवा सरेंडर राशि प्राप्त करने तथा अवैध रूप से लाभ अर्जित करने का कृत्य किये हैं तीनों अभिकर्ताओं के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान का अपराध पंजीबद्ध कर पैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इसी प्रकार थाना अमलाई एवं थाना खैरहा क्षेत्र में भी कोयलांचल के सूदखोरों से तंग आ चुके पीड़ितों के द्वारा थाना में पहुंचकर अपनी फरियाद बताई गई और पुलिस के द्वारा तत्काल वैधानिक कार्यवाही की गई। थाना अमलाई में सूचनाकता राजेश चौधरी पिता बंटी चौधरी उम्र 39 निवासी अमराडंडी लिखित में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी नारायण कचेर भारी ब्याज में रकम उधार में देकर सूदखोरी का काम करता है। अगस्त 2019 में पीड़ित ने नारायण कचेर से 50,000 रुपये 1 वर्ष के लिए उधार लिया जिसके बदले एक साल बाद 2,00,000 रुपये देने की लिखा-पढ़ी इससे करवाया था और यूनियन बैंक की चेकबुक य एसबीआई की चेकयुक में हस्ताक्षर करवाकर अपने पास रख लिया था। दोनों बैंकों का एटीएम भी अपने पास रख लिया था। इसने वर्ष 2020 में नारायण कचेर का 50,000 रूपये नगद वापस कर दिया था। उधार का पैसा वापस करने के बाद भी नारायण कचेर ने इसके दोनों एटीएम से 3,50,000 रू0 निकाल लिये। पैसा वापस मांगने पर बोलता है कि तुम्हारा पैसा ब्याज में कट गया है। तुम्हें और 4,00,000 रूपये देने पड़ेंगे। आरोपी नारायण कचेर के द्वारा दिशा-निर्देश देकर अपने भतीजे लालबहादुर कचेर के माध्यम से इसके खाते से एटीएम के जरिये पैसा निकलवाता था पीड़ित की शिकायत पर थाना अमलाई में आरोपी नारायण कचेर के विरूद्ध म0प्र0 ऋणियों का संरक्षण अधिनियन का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कर रही है।

थाना खैरहा में फरियादी रामकरण विश्वकर्मा पिता काशी विश्वकर्मा उम्र 61 साल निवासी चौराडीह के द्वारा थाना उपस्थित होकर चलाये गए अभियान के आधार पर विश्वास करते हुए सूदखोर रामसुमन जायसवाल एवं उसके लड़के बृजकिशोर के विरूद्ध लिखित रिपोर्ट दर्ज कराया कि वर्ष 2011 में अपनी आवश्यकता के लिए सेवा के दौरान ही शिरौंजा निवासी रामसुमन जायसवाल से 60,000 रूपये उधारी लिया था और उधारी पटाने के लिए 5,000 रूपये प्रतिमाह अदा करता था। वर्ष 2014 तक इसी तरह पैसा अदा करता रहा। किन्तु 2014 में तबियत खराब होने पर 1,40,000 रू० का कर्ज पुनः रामसुनन जायसवाल से उधार लिया और गारंटी के तौर पर दो खाली चेक दिया था और नोटरी कराया था। मय व्याज के पूरा पैसा अदा करने के बाद जब इसने रामसुमन जायसवाल से अपने दोनों चेक व नोटरी वाला कागज मांगा तो उसने कहा कि बाद में आकर ले जाना और उसन वापस नहीं किया एवं दोनों पिता पुत्र आरोपीगणों ने बोला कि व्याज का 06 लाख रू0 तुम और दो इसने कहा कि जो कर्ज का पैसा लिया था उसे ब्याज के चुका दिया हूँ। तभी दोनों लोग मां-बहन की बुरी-बुरी गाली दिये और धमकी दिये कि अगर व्याज का पैसा 6 लाख रूपये नहीं पहुंचाये तो घर से उठाकर जान से मार देंगे। पीड़ित की रिपोर्ट पर दोनों पिता पुत्र के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान एवं मप्र ऋणियों का संरक्षण अधिनियन के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध विवेचना की जा रही है।
इस प्रकार जिले के संवेदनशील पुलिस अधीक्षक के कुशल मार्गदर्शन में चलाये गए सूदखोरों के विरूद्ध इस अभियान में धनपुरी एसडीओपी भरत दुबे, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री सोनाली गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक सचिन धुर्वे, निरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, उनि रत्नांबर शुक्ला, उनि विकास सिंह, उनि उमाशंकर चतुर्वेदी, उनि सुभाष दुबे, उनि आराधना तिवारी, उनि प्रदीप द्विवेदी, उनि राजदेव निश्रा, सउनि राकेश मिश्रा, सउनि दिलीप सिंह, सनि राकेष बागरी तथा थाना धनपुरी, अमलाई एवं खैरहा का स्टाफ के अलावा मुख्यालय से बुलाये गए अधिकारी/कर्मचारी की भूमिका रही है।
सभी सूदखोर आरोपियों के विभिन्न बैंकों में बैंक खाते सीज कर दिये गए हैं। उपरोक्त बैंक खातों में जमा रकम से भी पीड़ित व्यक्तियों की हुई क्षति की भरपाई की जावेगी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल जोन शहडोल द्वारा उपरोक्त कार्यवाही की सराहना करते हुए पूरी टीम को 30,000 रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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