प्राईवेट नर्सिंग होम के संचालक भी अपनी सहभागिता कोविड-19 संक्रमण रोकने के लिये निभाएं- कलेक्टर

राकेश सिंह
शहडोल ।  कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतेन्द्र सिंह की उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिले मे संचालित प्राईवेट नर्सिग होम, संचालको की कोविड-19 तैायरियों के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. व्हीएस बारिया, मेडिकल कॉलेज के कोविड़ प्रभारी डॉ. आकाश रंजन सिंह, जिला संक्रमक रोग एवं महामाही नियंत्रण अधिकारी डॉ. अुशमन सोनारे, सराफ अस्पताल के डॉ. साकेत सराफ, धनपुरी अस्पताल के सीएमएचओ डॉ.  ए. के. पटेरिया, श्याम केयर शहडोल के डॉ. अविनाश गौतम, परमानंद अस्पताल के डॉ. सत्येश विशनदासनी, श्रीराम अस्पताल के डॉ. श्रीमती पवित्र अग्रवाल, डॉ. पुनीत श्रीवास्तव, मोहम्मद अशरथ, जिला रोजोउपचार प्रभारी श्री राकेश श्रीवास्तव,डीसीएम श्री रामगोपाल गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने कोविड प्रबंधन के संबंध में प्राईवेट नर्सिंग होम संचालको से समन्वय एवं सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि आप सभी कोरोना महामारी रोकने में अपने संस्था में उपलब्ध एम्बुलेंस, आक्सीजन सिलेण्डर, वेंटीलेटर तथा अन्य आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सहभागिता निभाएं । कलेक्टर ने कहा कि अपने संस्था में कोविड मरीज के लिये बेड भी उपलब्ध रखे ताकि आपातकालीन स्थिति में उनका उपयोग किया जा सकें। उन्होने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजो से कोविड-19 के संबंध में  जानकारी भी प्राप्त कर लें तथा आश्यकता पड़ने पर उनका  पूर्व में कोविड-19 टेस्ट भी करा लें। उन्होने कहा कि  सभी प्राईवेट नर्सिंग होम के संचालक अपने संस्था के चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की दो दिवसीय भागीदारी मेडिकल कॉलेज शहडोल कराना सुश्निचित करे जिससे वे कोविड-19 मरीजों की देखभाल एवं  उपचार के तरीको से परिचित हो सकें। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोनिर्देशित किया कि  प्राईवेट नर्सिंग होम के संचालको से कोविड कमांड सेंटर से जोड़ा जाए तथा शहरी शहडोल के सेक्टर अधिकारियों की सूची भी  प्रदान की जाए जिससे प्राईवेट नर्सिंग होम के संचालक जानकारियों का आदान-प्रदान कर सकें।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये संसाधनों की कोई कमी नही है, आवश्यकता है स्वयं जागरूक रह कर अपनी रक्षा करते हुये दूसरे को संक्रमण से बचाने का प्रयास  हो। उन्होने कहा कि अभी जिले में सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नही है और हर स्तर पर संतत निगरानी की जा रही है।कलेक्टर ने कहा कि प्राईवेट नार्सिग होम के संचालक कोरोना मरीजो से शासन के प्रोटोकॉल के अनुसार  एवं शासन द्वारा निर्धारित दरो का ही बिल देवें और मरीज स्चेच्छानुसार जो  बिल पेमंेट करता है उसे स्वीकार करें। कलेक्टर ने कहा कि फीवर क्लीनिक में अब सैपलिंग का कार्य किया जाएगा  संभावित मरीज अपने क्षेत्रो में स्थापित फीवर क्लीनिक में  अपना सैपल कलेक्षन करा सकते है। उन्होने डॉ. आकाश रंजन सिंह को निर्देशित किया कि फीवर क्लीनिक से संभावित 25 मरीजो के 3 सैपल लेकर उनका परीक्षण मेडिकल कॉलेज के टूनॉट, आरटीपीसी मशीन में कराएं एवं 1 सैपल एम्स भोपाल भेजना सुनिश्चित कराएं जिससे सैपल की गुणवत्ता का क्रॉस चेक हो सके। कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि जिले में एक  मोबाइल वैन चलाई जाए जिसमें आवश्यक दवाईयां प्रचार-प्रसार के सामग्री मास्क एवं सेनेटाइजर रखा जाएं और यह वैन कोविड-19 के कंमाड सेंटर के सम्पर्क में रहे यदि कोई मरीज होम आइसोलेशन में है और दवाईयों की मांग करता है तो उसे उपलब्ध कराया जाए।

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