सीटीओ क्षमता से अधिक उत्खनन करने वाले खदानों पर पीसीबी द्वारा न्यायालय में वाद दायर

शहडोल। संभाग के अनूपपुर जिलेे के खदानों द्वारा किए जा रहे उत्खनन के आंकड़ों का ऑडिट कार्यालय महालेखाकार द्वारा हाल ही में विस्तृत रूप से अकेक्षण किया गया। अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ तहसील में संचालित एक खदान एवं कोतमा तहसील में संचालित एक खदान के विरुद्ध मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सी टी ओ में उल्लेखित क्षमता से अधिक अधिक उत्खनन किया जाना पाया गया है। जिला एवं सत्र न्यायालय सीजेएम राहुल खत्री पुष्पराजगढ़ के न्यायालय में सरस्वती स्टोन माइन के प्रोपराइटर राजेश जैन के खिलाफ मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ वैज्ञानिक तथा जिला प्रभारी डी एम पटेल के द्वारा मामला दायर किया गया है। तथा निगवानी में  नीरज सोनी की खदान के विरुद्ध कोतमा न्यायालय में सीजेएम के पी सिंंह के समक्ष दिनांक 11 फरवरी को प्रकरण जिला प्रभारी बी एम पटेल द्वारा दायर किया गया है इस प्रकरण में आगे सुनवाई की तारीख 18 मार्च को होनी है।

                          यह है मामला

कोतमा तहसील के ग्राम निगवानी में खसरा क्रमांक 1316/1 के कुल रकबा 4.55 हेक्टेयर मैं नीरज कुमार सोनी द्वारा संचालित मुरूम खदान को 15000 क्यूबिक मीटर खुदाई के लिए संचालन समिति जारी की गई । किंतु नीरज कुमार सोनी द्वारा 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 की अवधि द्वारा कुल 32558 क्यूबिक मीटर का उत्पादन किया गया। इस प्रकार इनके द्वारा 17558 क्यूबिक मीटर मुरूम की अधिक अवैध उत्खनन किया गया है। जो कि संचालन समिति के आदेश केेे खिलाफ जाकर 120% अधिक उत्खनन प्रमाणित रुप से सिद्ध होता है।

इसी प्रकार पुष्पराजगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत बड़ी तुम्मी में खसरा क्रमांक237/1 के कुल2.20 में राजेश कुमार जैन द्वारा संचालित सरस्वती स्टोन माइन में 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक के लिए कुल 79196.94 क्यूबिक मीटर का उत्पादन किया जबकि उन्हें मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मात्र 40 565 घन मीटर हेतु खुदाई के लिए सीटीओ जारी किया गया था। इस प्रकार सरस्वती स्टोन माइन द्वारा 180% अवैध उत्खनन पाया गया है। राजेश कुमार जैन सरस्वती स्टोन माइन को पर्यावरण विभाग द्वारा स्वीकृति भी 40 565 घन मीटर क्षमता की स्वीकृति प्रदान की गई थी। और माइनिंग प्लान भी 40 465 घन मीटर की उत्खनन करने के लिए तैयार किया गया था। जिला खनिज कार्यालय अनूपपुर के द्वारा भी अधिक उत्खनन के उक्त दोनों प्रकरणों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उक्त दोनों मामलों पर अभियोजन दायर करने हेतु लिखा गया था एवं संचालक भूमि की तथा खनिज मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 10405/महालेखाकार/ना. क्र.04/2020 दिनांक 20/09/2020 के द्वारा अवैध रूप से अधिक उत्खनन का प्रकरण प्रमाणित किया गया है।

कार्यवाही व जुर्माना के भय से रुकेंगे अवैध उत्खनन ,                    रोकी जा सकती है पर्यावरण की क्षति

मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संजीव मेहरा के लगातार पर्यावरण को लेकर सुरक्षित रखने के लिए की जा रही कार्रवाई सेअवैध उत्खनन करने वाले संभाग के समस्त खदानों पर ,इस कार्यवाही के बाद संचालन करने वाले लोगों को मनमानी कर अवैध रूप से सीटीओ का उल्लंघन कर बड़ा फायदा कमाने के चक्कर में पर्यावरण विभाग, जल विभाग आदि को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचने पर मजबूर होंगे।  मध्यप्रदेश  प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विभाग द्वारा उक्त मामले पर न्यायालय में वाद दायर करने पर लगे जुर्माने से अवैध रूप से खुदाई करने वालों पर एक डर कायम रहेगा। जिस प्रकार से प्रदूषण विभाग द्वारा जुर्माना को लेकर वसूली के लिए मामला दायर किया गया है निश्चित रूप से यह एक पर्यावरण को सुधार में मील का पत्थर साबित होगा। जिला खनिज कार्यालय अनूपपुर द्वारा ग्राम निगवानी मैं नीरज कुमार सोनी द्वारा संचालित की गई मुरूम खदान पर 26. 34 लाख रुपए का जुर्माना अपेक्षित की गई है इसी प्रकार बड़ी तुम्मी मैं राजेश कुमार जैन द्वारा संचालित खदान पर जिला खनिज कार्यालय अनूपपुर द्वारा 1 करोड़ 67 लाख रुपयों का जुर्माना बनाया गया है। हालांकि खनिज कार्यालय द्वारा अभी तक मूर्त रूप नहीं दिया गया है। इस बड़ी कार्यवाही के बाद अवैधानिक रूप से कार्य करने वाले जिले के समस्त खदानों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जिससे खनन माफिया सकते में हैं,

और निश्चित रूप से इस कार्यवाही से पर्यावरण पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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