राजनीतिक लाभ के लिए धर्म के कार्य में राजनीतिज्ञों का प्रवेश: अविमुक्तेश्वरानंद

 

राजनीतिक लाभ के लिए धर्म के कार्य में राजनीतिज्ञों का प्रवेश: अविमुक्तेश्वरानं

राम मंदिर के लिए चंदा लेने वाले नही है राम भक्त: अविमुक्तेश्वरानंद

धर्म का कार्य धर्माचार्यो को होना चाहिए न की राजनीतिज्ञों को नही

राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे चंदा वसूली

वर्षो से मंदिर के लिए सनातन धर्म रहा है सेवारत

अयोध्या के मंदिर निर्माण में बैठे भाजपा, आरएसएस और विद्यार्थी परिषद के लोग

जिस सनातन धर्म ने मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए वर्षो से अयोध्या के रामलला जन्म भूमि के लिए अपनी त्याग और तपस्या की, आज उन्हे दूर करते हुए सत्ता पक्ष चंदा वसूली कर मंदिर निर्माण में राम की भूमि को अपवित्र करने जा रही है, न तो ये राम भक्त है और न ही इनकी कोई भूमिका मंदिर को बचाने में रही है, सनातन धर्म के अनुयायी और धर्माचार्यों को भूलकर भाजपा, आरएसएस और उनकी शाखा काबिज होकर करोडो रूपए वसूल कर लोगों की आंखो में धूल झोक रहे है।

अनूपपुर। अमरकंटक के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के प्रतिनिधि एवं दंडी स्वामी परम पूज्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के द्वारा माँ नर्मदा के दर्शन करने के बाद श्रीमाता सदन होटल में पत्रकार वार्ता कर ऐसी बातों का खुलासा किया जो वास्तव में लोगों की आंखो खोल देने वाली है। उन्होने कहा कि धर्म के कार्य में सत्ता का प्रकोप साफ दिखाई दे रहा है, जहां धर्म और धर्माचार्यों को स्थान मिलना चाहिए वहां सत्ता अपने आप को काबिज करने के लिए कुछ भी कर रही है। आयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए जिस तरह से अवैध गतिविधियों वाले चंदा वसूली जा रहा है और ऐसे लोगों से चंदा लिया जा रहा है जो माफिया, चोर और लुटेरे है, इनके पैसो से भाजपा के लोग राम के मंदिर का निर्माण करने जा रहे है, जिस भूमि को सनातन धर्म ने अपने त्याग और तपस्या के बल पर वर्षो से हिन्दुओं के आस्था को बचाने का प्रयास किया, आज उन्ही सनातन धर्म और धर्माचार्यो को भूलकर सत्ता पक्ष महज अपने नाम के लिए राम की भूमि को अपवित्र कर रहा है।

जगह-जगह तोडे जा रहे मंदिर

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 8 सालों से मंदिर और उनकी मूर्तियों को भी तोड़ कर के नालों में फेका जा रहा है, देखा जा रहा है काशी ही नहीं पूरे देश में जगह-जगह पर मंदिर तोडे जा रहे हैं और अयोध्या में भी जो ढांचा था, जिसको कहा गया कि यह बाबरी ढांचा है, वास्तव में वह भी मंदिर ही था और हाईकोर्ट में उसको हम लोगों ने सिद्ध कर दिया था कि यह मंदिर है। जिस राम जन्मभूमि का फैसला हुआ था, उस फैसले में इस बात को स्वीकार कर लिया गया था, कि ये बाबरी ढांचा नहीं है, यह मंदिर ही है। लेकिन जहां-जहां तोडे जा रहे है उनको देखने वाला कोई नही है। भाजपा के लाग राम भक्त हैं ही नही, चंद स्वार्थो और नाम के लिए चोला ओढकर अपनी प्रसंशा कर रहे है, पांच सौ वर्षो से जिस सनातन धर्म ने राम के प्रति त्याग दिया वह दूर हो गये और आज पार्टी बनाकर ये असली राम भक्त का प्रमाण पत्र बांट रहे है।

मैं खुद कोर्ट में गवाह रहा हूं

पत्रकारवार्ता में स्वामी परम पूज्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने कहा कि मैं स्वयं राम जन्म भूमि मामले में गवाह रहा हूं, बडे-बडे संत महंत पार्टी बनकर के मुकदमा लडे है, हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट मेरे नामों का जिक्र हुआ है, मैने कही से आकर जबरजस्ती घुसने का प्रयास नही किया हैं, सनातन धर्म और धर्माचार्यो को भूल कर मंदिर का निर्माण करना और चंदा एकत्र पूर्णत: गलत है, भाजपा और संघ के लोग आज तक इस मंदिर विवाद में पार्टी नही रहे है, कभी कोर्ट नही गये, सिर्फ जो हिन्दु थे और सनातनी थे उन्होने पार्टी बनकर इस मामले का केस लडा है।

कार्यकर्ता को जोडने निकाला तरीका

जिस तरह से पार्टी और संगठन के लोग चंदा वसूली कर रहे है, जाहिर सी बात है, कि कुछ रोजगार के रूप में देखे जा सकते है, कोई भी कार्यकर्ता जब दिन भर आपके लिए कार्य करता है चाहे भाजपा में हो या फिर कांग्रेस में रहकर कार्य करे, बिना भोजन कोई कार्य नही करता। भाजपा ने सारे कार्यकर्ताओं को काम देने के लिए और पार्टी से जोडने रहने के लिए चंदा वसूली में लगा दिया, और ऊपर पूरे पैसो को संभालने वाले भी भाजपा और संगठन के लोग लगे हुए है, पैसो को खुर्द-बुर्द करने के लिए एक षडयंत्र करने का भी प्रयास किया जा रहा है।

वरिष्ठ अधिवक्ता भी रहे मौजूद

आयोध्या के राम जन्म भूमि की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता मुरलीधर शर्मा भी मौजूद रहे, उन्होने कहा कि मेरे द्वारा स्वयं लखनऊ बेंच में राम जन्म भूमि की पैरवी की गई है, सनातन धर्म और धर्माचार्यो के द्वारा इस भूमि के लिए जितना योगदान दिया गया है, उतना किसी ने भी नही दिया है, आज जब सब कुछ हो गया तो, सत्ता पक्ष अपने नाम के लिए धर्माचार्यो को भूल कर एक पक्षीय राम बनाने की कोशिश कर रही है। इनके साथ ही अधिवक्ता अमन शर्मा के द्वारा पुष्पराजगढ में चल रहे मुकदमे में शंकराचार्य विरूद्व भारत संघ में स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा पक्षकार बनाये जाने बावत अधिवक्ता नही किया गया है।, परमधर्म संसद श्रीधर शर्मा के साथ छत्तीसगढ सेवा दल के अध्यक्ष अशोक शिक्ला, मरवाही से श्रीमती अर्चना पोर्ते के साथ अनेक लोग उपस्थित रहे।

 

 

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