विद्युत पोल पर प्रेमलाल का कनेक्शन अधिकारियों और बाबू के संरक्षण में संविदा लाइन सहायक का कारोबार विद्युत वितरण केन्द्र अमरकंटक में नियमों के विपरीत हो रहे कार्य

संतोष कुमार केवट
अपने वचनो और कार्यप्रणाली से उच्चाधिकारियों और लोगों को मायाजाल में फंसाने वाले संविदा लाइन सहायक प्रेमलाल कई वर्षो से अमरकंटक में पदस्थ रहकर विद्युत विभाग को नुकसान पहुंचा रहे है, केबिल का क्रय विक्रय से लेकर जुगाड से लोगो के घरो तक कनेक्शन पहुंचाने में कोई गुरेज नही करता है वही अधिकारी भी इस पर कार्यवाही न करते हुए बचाने का प्रयास करते नजर आ रहे है।
अनूपपुर। विद्युत वितरण केन्द्र अमरकंटक का मामला थमने का नाम नही ले रहा है, जैन मंदिर धर्मशाला के पीछे बने दर्जनों घरो में कनेक्शन देने के लिए ऐसा तरकीब निकाला गया कि विभाग के नियमों को ही तोड दिया गया है, एक संविदा लाइन सहायक को बचाने के लिए उच्चाधिकारियों ने भी इस पर लीपा-पोती करते हुए उक्त पोल और कनेक्शन को हरी झंडी भी दे दी। पहले तो पोल किसने लगाया था, इस बात को लेकर विभाग के अधिकारियों में ही भ्रम था, लेकिन अब जब उस पर तार भी लगा दिया गया, तो जाहिर सी बात है कि विद्युत विभाग इससे अनजान नही होगा, सोचने की बात है कि जहां तक कनेक्शन जाने के लिए स्टीमेट नही बना और न ही स्वीकृति मिली थी, अचानक पोल लगने के बाद तार कनेक्शन देने से पहले विभागीय दस्तावेज तैयार कैसे हो गये।
पोल लगाने वाले पर क्यो नही कार्यवाही
विभागीय अधिकारियों के बयान के अनुसार उक्त स्थान पर विद्युत पोल लगा हुआ था, लेकिन टूटा हुआ था, पुन: किसने चिद्युत पोल को लगा दिया इसकी जानकारी खुद विभाग के अधिकारियों को नही थी, लेकिन अब उसी पोल के माध्यम से 15 घरो में कनेक्शन देने के लिए एलटी तार को भी लगाया जा रहा है, जो निश्चित ही लाइन सहायक प्रेमलाल को बचाने और खुद अधिकारियों के द्वारा नियम विपरीत कार्य करने की मंशा नजर आ रही है। जबकि पोल लगाने वाले अज्ञात व्यक्ति के ऊपर एफआईआर होना चाहिए, लेकिन वहीं विभाग कनेक्शन देने की तैयारी में जुट गया है।
निजी हित के लिए कटघरे में विभाग
जैन मंदिर धर्मशाला के पीछे बने दर्जनों घरो में कनेक्शन देने के नाम पर संविदा लाइन सहायक प्रेमलाल के द्वारा खेल खेला गया था, इस बात की जानकारी उच्चाधिकारियों को नही थी, लेकिन जब राज एक्सप्रेस ने प्रकाशित किया तो, उनके द्वारा कार्यवाही करने के बजाये उसे संरक्षण प्रदान करने लगे। चंद स्वार्थो के लिए विभागीय नियमों को ताक पर रखकर सारे कार्य विद्युत वितरण केन्द्र अमरकंटक में किये जा रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 7 फरवरी को जब निजीकरण के विरोध में समस्त विद्युत अमला धरना प्रदर्शन कर रहा था तभी अमरकंटक में पदस्थ लाइन सहायक प्रेमलाल अपने कारोबार को अंजाम भी दे रहा था।
उपभोक्ताओं के पास नही बिल
विद्युत विभाग के नियमों के अनुसार मीटर विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है, लेकिन सर्विस केबिल का भुगतान उपभोक्ता को करना होता है, लेकिन उक्त अज्ञात पोल से किये गये दर्जनों कनेक्शन कहां से किसने तैयार कर दिया, शायद यह जांच का विषय है, सूत्रों के अनुसार केबिल का क्रय विक्रय भी कई विभागीय लोगों के द्वारा किया जाता है, जहां विभाग को नुकसान पहुंचा अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते है।
यह था मामला
अमरकंटक स्थित जैन मंदिर धर्मशाला के पीछे दर्जन भर घर बने हुये हैं, जहां विद्युत पोल न होने के कारण विद्युत उपलब्ध नहीं था। प्रत्येक घरो से सांठगांठ कर विद्युत कनेक्शन देने का प्रेमलाल ने वादा कर लिया और बिना विभाग को बताये अन्य स्थान पर पड़े विद्युत पोल को वहां से उठवाकर धर्मशाला के पीछे मोहल्ले में विद्युत पोल लगवाकर उसका शिलान्यास करवाने की तैयारी में जुट गया था, घरों तक विद्युत कनेक्शन पहुंचाने के लिये लाईन सहायक ने चंद पैसों की खातिर अवैध रूप से पोल को लगवा दिया था। जिसमें विद्युत कनेक्शन देने की योजना बना ली थी। इस बात की जानकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को नही थी और न ही लोगों को इसकी खबर है, लेकिन वर्तमान में उसी पोल के माध्यम से कनेक्शन में दिया जा रहा है।

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