तीन छात्राओं को आईजीएनटीयू के रहीसजादे ने रौदा

तीन छात्राओं को आईजीएनटीयू के रहीसजादे ने रौदा
असिस्टेंट रजिस्ट्रार के भतीजे व एवीव्हीपी के विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष का कारनामा
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय प्रबंधन और ऊचें पदो पर विराजमान ओहदेदारों के कारनामों ने एक बार फिर विश्वविद्यालय को दागदार कर दिया है। सत्ता औै पद के नशे में चूर असिस्टेंट रजिस्ट्रार संजीव सिंह का भतीजा सिंद्वात सिंह सेंगर (एमबीए स्टूडेंट) कई महीनों से तेज रफ्तार गाडी व हीरोगिरी करते नजर आता था, लेकिन बुधवार को तीन बच्चियों को पोडकी मार्ग में ही कार के चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के अनुसार असिस्टेंट रजिस्ट्रार संजीव सिंह के भतीजे सिंद्वात सिंह सेंगर और उनके सहपाठियों द्वारा अक्सर तेज रफ्तार गाडियों के शौकीन है, जिसके कारण कई बार दुर्घटनाएं होते-होते बचे है। विश्वविद्यालय से क्षेत्र के लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ है बल्कि क्षेत्रवासियों को नुकसान ही झेलना पड़ा है आए दिन विश्वविद्यालय के स्टाफ एवं उनके रहीस बच्चों द्वारा ग्रामीण लोगों को परेशान किया जाता है, विगत कुछ दिनों से विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉक्टर संजीव सिंह के भतीजा सिद्धांत सेंगर जोकि एमबीए का छात्र है, तेज रफ्तार कार चलाता है, जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा लगातार किया गया था, किंतु अमीरी के नशे में चूर अधिकारी अपने  में मस्त रहे।
तीन छात्राओं को मारी टक्कर
असिस्टेंट रजिस्ट्रार संजीव सिंह की वाहन क्रमांक एमपी-17-सीए- 7477 से भतीजे सिद्धांत सिंह सेंगर ने परीक्षा देकर लौट रही तीन छात्राओं को तेज रफ्तार कार से टक्कर मार दिया। कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि 20 फीट दूर हवा में उड़ती हुई कार जा गिरी वही उपरोक्त तीनों छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गई। जिनमें से दो छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है आक्रोश ग्राम वासियों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग पर डटे रहे, वही विश्वविद्यालय के प्राध्यापक तथा कर्मचारी बीच बचाव करते नजर आए।
सायरन बजाते है राजपुताना
मारूती स्वीप्ट और नंबर प्लेट के ऊपर राजपुताना लिखाकर चलने वाले सिंद्वात ङ्क्षसह सेंगर के द्वारा दिन हो या रात जब भी निकलते थे गाडी में लगे सायरन का उपयोग अवश्य करते थे, तांकि उनके राजपुताना और पॉवर को आम नागरिक आसानी से समझ सकें। भारत सरकार की गाडी का इस तरह से उपयोग किया जा रहा है, जैसे सरकार वह स्वयं हो। स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय परिसर के छात्र सिद्धांत सिंह सेंगर द्वारा पोंडकी गांव से लगभग डेढ किलोमीटर के पास 3 बच्चियों को अपनी कार से रौंद दिया यह बच्चियां ग्राम भमरिया, बिजौडी और खजूरवार की रही, स्कूल से परीक्षा देकर लौट रही भी तभी सायरन बजाते हुए पहुंचे सिद्वांत ने तेज रफ्तार गाडी निकालने का प्रयास किया और चपेट में तीन बच्चियां आ गई।
ेघायलों को भेजा अस्पताल
स्थानीय लोगों ने बताया कि उसके कार की गति बहुत तेज थी, जिसके कारण वो बच्चीयों को कुचलते हुए निकल गया, बाद में गांव वालों ने उसे धर दबोचा, जिसके बाद आस पास के लोगों द्वारा एम्बुलेंस को सूचना दी, घायल बच्चों को अस्पताल भेजा गया, एक्सीडेंट के लगभग डेढ घंटे बाद पुलिस अमला घटना स्थल पर पहुँचे जहां उसके परिजनों व गांव वालों शांत कराया गया, पुलिस ने सिद्धांत सिंह सेंगर को अपने साथ अमरकंटक थाना ले गई, यहीं नही कार से निकलने के बाद छात्र सिद्धांत सिंह सेंगर द्वारा स्थानीय लोगों को गाली गलौच कर अपने रौब को साबित करने का प्रयास भी किया।
सब कुछ कर दिया मैनेज
दुर्घटना में तीन बच्चियां घायल हो गई, गाडी का बीमा है कि नही, लायसेंस है कि नही, यह सब तो दूर पुलिस ने अभी तक कायमी नही की है। इतना ही नही डॉ. संजीव सिंह स्वयं घटना स्थल पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों के साथ तू-तू, मै-मै भी हुई थी, लेकिन प्रभाव और पैसे ने परिजनों को भी मैनेज कर दिया और अपने भतीजे ेको आंच नही आने दी। वर्तमान में परिजन न तो रिपोर्ट लिखवायेंगे और न ही उन पर किसी भी तरह की कोई कार्यवाही होगी। हालांकि उनके द्वारा तीनों बच्चियों को इलाज कराने की बात कही गई है जिसके बाद परिजन शांत हुए हैं लेकिन दुर्घटना करने वाले पर कार्यवाही ना करना अनुचित होगा।

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