रेल महाप्रबंधक की दो-टूक: एमएसटी व लोकल ट्रेन अभी नहीं 

दैनिक रेल यात्री सहित व्यापारी संघों ने दी आंदोलन की चेतावनी 

शहडोल।  बीते दिवस दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के महाप्रबंधक धीरज कुमार के शहडोल दौरे पर दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया । महाप्रबंधक के शहडोल आगमन पर विभिन्न रेल मजदूर व कर्मचारी संगठनों ने उनका स्वागत किया और मांग पत्र भी सौंपे, दर्जनों मांगों के बीच कोरोना काल के पहले दिवस के बंद कटनी-चिरमिरी, चंदिया-चिरमिरी तथा रीवा-चिरमिरी जैसी ट्रेनों के संचालन की भी मांग की गई, इसी क्रम में दैनिक रेल यात्री संघ ने भी एमएसटी सुविधा को पुन: चालू करने की मांग की, जिन्हें महाप्रबंधक ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर होना बताया। महाप्रबंधक के साथ डीआरएम भी दौरे पर पहुंचे थे।
स्थानांतरण कर न किया जाये प्रताडि़त
 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर संघ के शाखा सचिव अभिषेक पांडेय ने महाप्रबंधक से समस्याओ के संबंध में कहा कि खोंगसरा और लजकुरा जहां पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, वहां कर्मचारियों का स्थानांतरण कर प्रताडि़त ना किया जाए एवं शीघ्र प्रभाव से यहां लॉबी का निर्माण निरस्त किया जाए। ट्रैकमैन पेट्रोलिंग 12 किलोमीटर से 16 किलोमीटर कर दिए गए हैं तथा उनका रेस्ट 25 मिनट से घटाकर 15 मिनट कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में कार्य का अत्यधिक दबाव रहता है, जिससे दबाव में कार्य करना संरक्षा एवं सुरक्षा के लिए बाधक हो सकता है। लोको पायलट एवं गार्ड के लाइन बाक्स ले जाने की व्यवस्था पुन: प्रारंभ की जाए। लाइन बाक्स सभी रनिंग कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के दौरान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उसकी अनुपलब्धता सुरक्षा एवं संरक्षण के विरुद्ध है। स्टेशन मास्टर के ओवरटाइम का भुगतान नवम्बर 2019 से नहीं किया गया है इस संबंध में शीर्ष अधिकारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है।
निजी अस्पताल से अनुबंध समाप्त 
कैरिज एण्ड वैगन के कर्मचारियों के रोलिंग पाइंट अत्यंत असुविधा जनक है जिससे सभी मौसमों में कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी करने में असुविधा होती है। रेलवे चिकित्सालय एवं अमृता हास्पिटल का अनुबंध समाप्त हो गया है, वर्तमान में किसी भी हास्पिटल से अनुबंध नहीं है, दोबारा सुविधायुक्त हास्पिटल के साथ अनुबंध किया जाए रेलवे कालोनी में कचरा उठाने वाले ट्रैक्टर का अनुबंध समाप्त हो गया है तथा स्टाफ की कमी के कारण कालोनी की साफ सफाई नहीं हो पा रही है तथा रेलवे कालोनी में साफ पीने के पानी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। रनिंग कर्मचारियों को लान्ग आवर्स में कार्य करने हेतु दबाव न डाला जाए एवं संरक्षा एवं सुरक्षा का ध्यान रखते हुए लांग आवर्स में कार्य करने पर मना करने पर बुक आफ एवं पनिशमेंट देकर प्रताडि़त न किया जाए।
छोटा है टूल-पेटी शेड
ट्रैकमैन के टूलपेटी शेड, साइकिल स्टैंड और रेस्ट रूम का निर्माण कराया जाए इस संबंध में मजदूर संघ द्वारा कई बार ज्ञापन सौपे गए हैं। इलेक्ट्रिक जनरल के कर्मचारियों को सुरक्षा श्रेणी में रखा जाए। रनिंग के कर्मचारियों को पीएमसी में नियम विरुद्ध चार्जसीट ना दी जाए एवं आर. एम.सी. को अस्वीकृत न किया जाए तथा ट्रैकमैन को पीएमसी में नियम विरुद्ध पनिशमेंट देकर प्रताडि़त ना किया जाए। शहडोल में कार्यरत गार्ड को नियम विरुद्ध सिर्फ चार सीएल देने का नियम वापस लिया जाए।
महिला स्टॉफ के शौचालय नहीं
स्टेशनों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए शौचालय की व्यवस्था की जाए जैसे कि मुदरिया, लोहरा, छादा, विलायत कला में स्टेशन स्टाफ के लिए शौचालय नहीं है, साइडिंग में भी रेल कर्मचारियों हेतु शौचालय की व्यवस्था की जाए। महिला स्टाफ के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था की जाए जैसे शहडोल एकीकृत क्रू-लाबी तथा टेलीकाम डिपार्टमेंट में कई महिलाएं कार्यरत हैं, लेकिन उनके लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है, जो कि अत्यंत असुविधा जनक है।
नहीं किया जाता ओवरलाइन का भुगतान
स्टेशन मास्टर के स्टाफ पोजीशन को मेंटेन किया जाए इससे कार्य का अत्यधिक दबाव ना बढ़े । शहडोल में पाइस मैन की संख्या बढ़ाई जाए यो सि एक समय में 2 पाईट्स मैन रहने के कारण यार्ड का काम प्रभावित होता है। ट्रैकमैन जब किसी भी एक्सीडेंट साइट पर जाते है और दिन रात लगातार काम करते रहते हैं, उसके बाद भी उन्हें ओवरलाइन का भुगतान नहीं किया जाता है। रनिंग स्टाफ का डयूटी के उपरांत पायलट आने पर साइन आफ के लिए एक भी समय नहीं दिया जाता है।
रेलवे क्वाटर की नहीं होती मरम्मत 
वर्तमान समय में कई साइडिंग के माइलेज बहुत कम कर दिए गए हैं , जिससे 10 से 12 घंटे काम करने के उपरांत भी कई परिस्थिति में 40 से 50  माइलेज ही बनता है अत: 120 किलोमीटर मिनिमम माइलेज सुनिश्चित किया जाए। रेलवे कालोनी के बाल उद्यान का पुन: निर्माण कराया जाए, जिससे कर्मचारियों के बच्चे बिना किसी असुविधा के इसका लाभ उठा सकें। रेलवे कालोनी के क्वार्टरो की मरम्मत सही समय पर न होने के कारण कर्मचारियों एवं उनके परिवार को अत्यधिक असुविधा का सामना करना पड़ता है। उपरोक्त सभी समस्यायें संयुक्त रूप से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर संघ संज्ञान में लाई गई है। अत: संघ आपसे मांग करता है कि उपरोक्त समस्याओं का समाधान शीघ्र अतिशीघ्र  पूरा करने की मांग की है।
ये रहे मौजूद
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे मजदूर संघ के पदाधिकारी, दैनिक यात्री संघ, एमएसटी संघ, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे।

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