राम भरोसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर

(रामनारायण पाण्डेय+91 99938 11045)
शहडोल। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर में एक मात्र चिकित्सक डॉ. राजेश तिवारी स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं देने का जिम्मा अपने कंधे पर लिए हुए ग्रामीण सहित जनपद मुख्यालय के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराये हुए हैं, वर्तमान में एक महिला चिकित्सक की भी पदस्थापना कर दी गई है, तहसील के लगभग 87 गांव एवं सीधी सहित छत्तीसगढ़ से सटे जनकपुर क्षेत्र के मरीज उपचार कराने के लिए इसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। क्षेत्र में हजारों मजदूर भी निवास करते हैं, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सैकड़ों की संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं , लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों के अभाव में स्वास्थ्य संबंधी जनकल्याणकारी योजनाएं बौनी साबित हो रही हैं।
एक चिकित्सक के भरोसे पूरे कार्य
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मात्र एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है , स्थानीय वाशिंदों को चिकित्सा सुविधा के लिए जिला मुख्यालय में प्राईवेट चिकित्सकों सहित नर्सिंग होम की शरण लेनी पड़ रही है। जिससे उन्हें शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जो वर्तमान में डॉ. राजेश तिवारी के भरोसे चल रहा है, कोरोना काल के दौरान चिकित्सालय में मात्र एक चिकित्सक जो मरीजों के साथ-साथ दुर्घटनाओं में घायलों एवं मृतकों के पोस्टमार्टम के लिए भाग दौड़ में लगा हुआ है।
यह है चिकित्सकों की हकीकत
जयसिंहनगर में चिकित्सकों के लगभग 8 पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में एक चिकित्सक ही लगभग 2 लाख की आबादी को देख रहा है, समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.के. गर्ग 6 नवंबर 2019 निधन हो गया एवं डॉ. आनंद पटेल पीजी में सिलेक्शन होने के कारण जुलाई 2020 में ग्वालियर चले गए, इससे पूर्व 19 फरवरी 2020 को डॉ. राकेश सिंह यादव की पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई, पहली बार पदस्थापना के समय में कुछ लोगों को उनके दर्शन लाभ मिल सके, इसके बाद 29 जून को को दोबारा लोगों को दर्शन लाभ मिला, लेकिन उसके बाद से आज दिनांक तक स्वास्थ्य के साथ दर्शन लाभ उक्त चिकित्सक के लोगों को नहीं मिल पाये।
महिला सहित बच्चों के चिकित्सक नहीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 चिकित्सकों के पद सृजित किए हुए हैं, जिस पर भी मात्र 2 चिकित्सक उपलब्ध हैं, उसमें से एक चिकित्सक कई महीनों से चिकित्सालय में नहीं आये हैं, वहीं दूसरी ओर बराछ, अमझोर में पदस्थ चिकित्सकों को यहां अटैच कर इनकी सेवाएं बीच-बीच में ली जाती है, कलेक्टर दर पर 2 वार्ड ब्वॉय पदस्थ है, लगभग 15 स्टॉफ नर्स पदस्थ है, क्षेत्र में मौसमी बीमारी के मरीज सैंकड़ों की संख्या में मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। फिर भी चिकित्सालय में बच्चों के चिकित्सकों के साथ-साथ महिला चिकित्सकों की स्थानीय लोगों कमी अखरती है।

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