गरीबों के लिए उपवास रखेंगे राम

कमिश्नर कार्यालय में पूर्व विधायक बैठेंगे उपवास पर

पटवारी पर दर्ज है धोखाधड़ी का मामला

फर्जी रजिस्ट्री नहीं हुई रद्द, स्थगन के बाद जारी है निर्माण कार्य

शहडोल। पूर्व विधायक रामलाल रौतेल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को ज्ञापन देते हुए बताया कि पटवारी रमेश सिंह द्वारा धोखाधड़ी, कूटरचित, कपटपूर्वक कराये गये भूमि विक्रय पत्र पर अपराधिक प्रकरण 420 के तहत प्रकरण कायम किया गया, लेकिन फर्जी रजिस्ट्री निरस्त नहीं किया गया है, वर्तमान में दिन-रात निर्माण कार्य जारी किया हुआ है, रात में भी बल्ब लगाकर काम करा रहा है। पूर्व विधायक ने मांग रखी है कि उक्त निर्माण कार्य रोका जाये, भूमि नाप कर बता दिया जाये तथा फारेंसिक जांच कराते हुए पंजीयन निरस्त कराया जाये, अगर गरीब आदिवासियों को न्याय नहीं मिला तो, आंदोलन/क्रमिक उपवास/ प्रदर्शन करना होगा।
बेवा के पूर्वजों की यह है भूमि
पूर्व विधायक ने बताया कि तहसील एवं जिला अनूपपुर की मूल निवासी आवेदिका बेवा भिखमतिया कोल पति स्व. बेसाहन कोल, संतोष कोल पिता स्व, बेसाहन कोल टूकू पिता स्व. बैठोल कोल के पूर्वजों के नाम ग्राम अनूपपुर जिला अनूपपुर के खाता क्रमांक 245/192 के आराजी खसरा नं. 1080/3052 रकबा 0.42 एकड़, 1082/3053 रकबा 006 एकड़ कुल 2 किता कुल रकबा 0.48 एकड़ तथा खाता क्रमांक 245/310 के आराजी खसरा नं 108212 रकबा 0.14 एकड़, 1080/3 रकबा 0.14 एकड़, 1080/4 रकबा 0.34 एकड़, 1080/3 रकबा 0.2 एकड, 3162/2 रकबा 3.20 एकड, 3161/2 रकबा 1.08 एकड़, 3164/3 रकबा 0.86 एकड़ कुल 7 किता कुल रकबा 5.86 एकड़ एवं खाता क्रमांक 478/311 के आराजी खसरा नं. 1087 रकबा 0.58 एकड़ 1080 रकबा 2.16 एकड़, 1082 रकबा 0.20 एकड कुल 3 किता कुल रकबा 2.94 एकड़ इस तरह कुल तीन खातों में 12 किता कुल रकबा 930 एकड़ भूमि है तथा आवेदिका के पति स्व. बेसाहन कोल के नाम पाम अनूपपुर खसरा नं. 1939/9 रकबा 1.011 हे. खसरा नं. 1049/3164/4 रकबा 1.295 हे है। वर्णित भूमि सन् 1957-58 से बैठोल पिता लटी कोल के नाम से है। स्व. बैठोल कोल के दो पुत्र स्व बेसाहन कोल एवं टूकू कोल है। वर्तमान में स्व बेसाहन कोल के वास्तविक उत्तराधिकारी बेवा भिखमलिया कोल पली एवं पुत्र संतोष कोल है।
षड्यंत्रकारी है पटवारी
तत्कालीन जनपद अध्यक्ष सूर्यदीन सिंह पिता गरीबा सिंह ने बेसाहन कोल से 0.05 डिसमिल का सौदा करके कपट पूर्वक खसरा नं. 1080/2 रकबा 0.14 एकड़, खसरा नं. 1080/3 रकबा 0.14 एकड़, खसरा नंबर 1080/4 रकबा 034 एकड़, खसरा नं. 1080 कुल जुज भाग 003 एकड़ अर्थात कुल रकबा 0.264 है./0.65 एकड़ का पंजीयन करा लिया जिसमें सिर्फ एक व्यक्ति के हस्ताक्षर है। यह कि मूल षडय़ंत्रकारी पटवारी रमेश सिंह पिता मोलई सिंह है उक्त व्यक्ति ने हम लोगों से 0.20 एकड़ भूमि क्रय करने हेतु 1 लाख 80 हजार में तय किया, 1 लाख रूपये चेक के माध्यम से प्रदान किया तथा आवेदिका से 50 हजार उधार भी ले लिया, ना 80 हजार ना ही 50 हजार रूपये दिया। पटवारी ने 0.20 डिसमिल के जगह अपने ससुर झल्लू सिंह पिता घासी सिंह के नाम आराजी खसरा नं. 1080/1/क/1 रकबा 0.030 एकड़, खसरा नं. 1080/3052 रकबा 0.089 है. तथा खसरा नं. 1080/10/1 जु, रकबा 0.150 एकड़ कुल 0.269 हे का छलपूर्वक कूटरचित तरीके धोखाधड़ी करके भूमि हड़प लिया है।
दर्ज है पटवारी पर मामला
कुल विक्रय पत्र में काट छांट एवं कूटरचित की शिकायत पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने शिकायत की जांच भी बारीकी से करा लिया है। पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी से अभिमत भी प्राप्त कर लिया है। अधिकारी ने रमेश सिंह के विरूद्ध भा.द.सं. 1860 की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी भा.दं. वि. का अपराध नस्ती में उपलब्ध अभिलेख के अनुसार बनना प्रतीत के आधार पर अभिमत दिया है। जिस पर थाना कोतवाली अनूपपुर ने तत्कालीन पटवारी रमेश सिंह पिता मोलई सिंह झल्लू सिंह पिता घासी सिंह टी.सिंह उप पंजीयक अनूपपुर के विरूद्व कोतवाली अनूपपुर में भा.द.सं. 1860 की धारा 420, 467, 468, 471, 120 का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। जिसका चालान न्यायालय में पेश किया जा चुका है।
अज्ञानता का उठाया लाभ
श्री रौतेल ने पत्र में उल्लेख किया है कि रमेश सिंह पटवारी ने कुछ दिनों बाद तालाब के पास बैठाकर कुछ कागजात पर अंगूठा लगवा लिया, अज्ञानता के कारण ध्यान नहीं आया, वर्षों बाद पता चला कि पटवारी रमेश सिंह ने श्रीमती जगोतिया बाई पनि बी. एल सिंह निवासी परासी के नाम खसरा नं. 1080/1क/1 जुज रकबा 0,450 एकड, खसरा नं. 1078/1 रकबा 0.160 एकड़, कुल रकबा 0.609 हे. का विक्रय कराके नामांतरण करा दिया करोड़ों की भूमि का एक रूपये भी नहीं मिला। अपने पुस्तैनी भूमि प्राप्त करने हेतु वर्षों से दूर-दूर भटक रहे हैं इस संबंध में कमिश्नर, आई.जी, अनूपपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एस.डी.एम, तहसीलदार सभी से न्याय की गुहार हेतु आवेदन किया है।
रजिस्ट्री हो निरस्त
पूर्व विधायक रामलाल रौतेल ने बताया कि न्याय न मिलने पर गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2019 तक जिला मुख्यालय में क्रमिक अनशन पर सभी सहभूमि खामी सहित बैठे हुए थे, लेकिन कोई भी राजस्व अधिकार पूछने तक नहीं आया। न्याय प्राप्त करने हेतु श्रीमान जी से एवं राज्यपाल से मिलकर विनती की गई थी। पटवारी रमेश सिंह द्वारा की गई धोखाधड़ी, कूटरचित, कपटपूर्वक कराये गये विक्रय पत्र पर आपराधिक प्रकरण 420 भा दं.वि. के तहत प्रकरण कायम किया गया है। लेकिन फर्जी रजिस्ट्री निरस्त नहीं किया गया है, वर्तमान में दिन-रात निर्माण का कार्य जारी किया हुआ है, रात में भी बल्व लगाकर काम करा रहा है, जबकि न्यायालय से स्टे आर्डर भी हुआ है। अत: निर्माण कार्य रोका जाये तथा उक्त भूमि नाप कर बता दिया जाये तथा फारेंसिक जांच कराते हुए पंजीयन निरस्त कराने की गुहार लगाई है।

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