कटनी नदी के अपस्ट्रीम के जल के उपयोग पर मध्यप्रदेश पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1985 की धारा 3 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

कटनी नदी के अपस्ट्रीम के जल के उपयोग पर मध्यप्रदेश पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1985 की धारा 3 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

 

कटनी – कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने मध्यप्रदेश पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1985 की धारा 3 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जिसके अनुसार कटनी नदी के अपस्ट्रीम के जल का उपयोग घरेलू उपयोग को छोड़कर अन्य सिंचाई औद्योगिक एवं अन्य प्रयोजनों के लिये किन्ही भी साधनों द्वारा जल के अन्य उपयोग पर अस्थाई रुप से तत्काल प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आयुक्त नगर पालिक निगम के प्रतिवेदन के आधार पर जारी किया गया है। जिसमें लेख किया गया था कि कटनी नगर वार्डो की पेयजल सप्लाई पूर्णतः कटनी नदी के रॉ वाटर पर आधारित है। जिसे कटायेधाट स्थित जल शोधन संयंत्रों से शोधन उपरांत जल प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में कटनी नदी का बहाव शून्य हो जाने के कारण कटायेघाट वैराज एवं एनीकट के जल स्तर में गिरावट आना प्रारंभ हो चुका है। जिससे शहर में की जाने वाली पेयजल सप्लाई प्रतिदिन एक समय ही हो पा रही है, साथ ही इस वर्ष अल्प वर्षा एवं ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुये आगामी मानसून तक प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी कटनी नदी के अपस्ट्रीम में उपलब्ध जल के अतिरिक्त अन्य उपयोग (सिंचाई, औघोगिक एवं अन्य प्रयोजन) पर प्रतिबंध लगाया जाये।

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