फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार कर कृषि उपज मंडी को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले व्यापारी को सश्रम कारावास

फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार कर कृषि उपज मंडी को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले व्यापारी को सश्रम कारावास


कटनी। जेएमएफसी प्रथम श्रेणी की न्यायालय ने फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार कर कृषि उपज मंडी को मंडी शुल्क की आर्थिक क्षति कारित करने वाले आरोपी अनिल चोटवानी को धारा 420 में 2 वर्ष एवं धारा 467 में 2 वर्ष 6 माह के सश्रम कारावास और 1500 रूपये अर्थदंड एवं धारा 471 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है।
जेएमएफसी प्रथम श्रेणी की न्यायालय ने सुनाई सजा
अर्थदण्ड अदा न करने पर 1 माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रकरण में पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा की गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी अनिल चोटवानी मंडी समिति का लाईसेंसी व्यापारी था। उसके द्वारा फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार कर 49 लाख 28 हजार 850 रूपये का चना एवं चना दाल बाहर के व्यापारियों को भेजा था एवं फर्जी अनुज्ञा पत्र के माध्यम से उसके द्वारा कृषि उपज मंडी को मंडी शुल्क 78 हजार 577 रूपये एवं निराकृत शुल्क  7 हजार 858 रूपये की आर्थिक क्षति मंडी सचिव को पहुंचाई गई थी।
मंडी सचिव द्वारा अनुज्ञा पत्रों की जांच किये जाने पर अनुज्ञा पत्रों के कूटरचित होने एवं उसके माध्यम से मंडी शुल्क एवं निराकृत शुल्क की क्षति पहुंचाये जाने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी। जिसके विवेचना उपरांत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था।
मामले में विचारण के दौरान न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्य तथा तर्क से सहमत होते हुये आरोपी अनिल चोटवानी द्वारा फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार कर कृषि उपज मंडी को मंडी शुल्क की आर्थिक क्षति कारित करने के अपराध का दोषी पाया और आरोपी अनिल चोटवानी को सजा सुनाई।

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