होम डिलेवरी की जगह व्यापारी दुकान के भीतर से कर रहे सामानों की बिक्री! सोशलडिस्टेंस फेल

(सतीश तिवारी)

कलेक्टर के आदेश का नहीं हो रहा पालन! परिजनों के कोरोना पाजिटिव आने के बाद भी कई कर्मचारियों के साथ संचालित कर रहा मेडिकल स्टोर। वही एक महिला ग्राहक के मास्क न लगाने पर एक मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन पर मुंहदेखी कार्यवाही का रग रहा आरोप ! लोगों की माँग है।की नियमों की अनदेखी करने बालों पर एक समान हो कार्यवाही।

ब्यौहारी- इन दिनों देश में कोविड 19 महामारी से कोई भी राज्य अछूता नही है। मध्यप्रदेश में भी कोविड 19 महामारी बडी तेजी से बढ़ रही है। कोविड 19 से बचाव हेतु राज्य सरकार तरह तरह के प्रयास कर रही है। गृह मंत्रालय से जारी हुए आदेश के परिपालन में कोविड 19 की चैन को तोड़ने के लिये कलेक्टर शहडोल ने दिनांक 16/04/2021 को आदेश जारी कर पूरे जिले में सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर स्थानीय प्रशासन  को आदेशित किया कि क्षेत्र में किराना,फल, दूध,सब्जी आदि आवश्यक सामग्री की होम डिलेवरी के माध्यम से घर-घर सुबह 9 बजे से 12 बजे तक पूर्ति करने तथा बेबजह लोगों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगाई गई है। वहीं नगर में कई मेडिकल स्टोर में मरीजों की लाइन लगी रहती है। बताया गया की एक मेडिकल स्टोर संचालक के परिजनों के कोरोना पाजिटिव होने के बाद भी दुकान चलाई जा रही है।  वहीं स्थानीय प्रशासन ने गांधी मेडिकल को सील किया और बांकी लोगों के अनियमितता की अनदेखी से गांधी मेडिकल संचालक व्यथित हो  बताया कि मेरे द्वारा गाइडलाइन का निरंतर पालन किया जा रहा था।  लेकिन एक मरीज के बिना मास्क दबाई लेने पर दुकान को एसडीएम मैडम द्वारा सील किया गया।  जबकि आसपास की कई दुकानों में बिना मास्क व शोसलडिस्टेंसिग के भीतर से बाहर तक लोगों की भीड़ बनी रहती है।  कई लोगों पर जुर्माने की कार्यवाही की गई। पर केवल मेरी ही दुकान को सील करने की कार्यवाही क्यों हुई। इसका अभी कोई जबाब नही मिला।  लोगों का आरोप है की यहां के रसूखदार व्यापारियों को स्थानीय प्रशासन का  संरक्षण है। इस कोरोना काल में लागू नियमों की अनदेखी कर लाकडाउन का फायदा उठा कुछ ब्यापारी कालाबाजारी कर नियमों को धता बता रहे है। वही कुछ छोटे दुकानदारों तथा आम नागरिकों पर  स्थानीय प्रशासन की सख्ती व कार्यवाही लोगो में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का दावा है की यहां के कुछ बडे ब्यापारी ग्राहकों को दुकान के भीतर बैठा कर शादीविबाह लगन के चलते धडल्ले से व्यापार करते देखे जा सकते है। ऐसे में लोगो के बीच सवाल है कि जब सरकार और प्रशासन इस कोरोना महामारी से बचाव हेतु सतत गाइड लाइन जारी कर बचाव की एडबाइजरी दी जा रही है। इस भयावह स्थिति को देखते हुए यहां पूर्ण लॉकडाउन जैसे कदम कोरोना की चैन तोड़ने का प्रयास  है। वही कुछ लालची व्यापारियों को मिली छूट पूरे प्रयास पर पानी फेरता नजर आ रहा है। यदि समय रहते ध्यान नही दिया गया तो जल्द यंहा भी भोपाल इंदौर जैसे गम्भीर हालात निर्मित होंने में देर नही लगेगी। यहां लोगों में जागरूकता की कमी और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी कहीं इस पूरे क्षेत्र को कोरोना हाटस्पाट के रुप में न बदल दे। लोगों मे यह बडी चिंता का विषय बना हुआ है।

कोरोना गाइडलाइन के पालन के नाम पर नगरीय निकाय के कर्मचारी पुलिस के साथ आमजनों के विरुद्ध चालानी कार्यबाही कर अधिकाधिक  रसीद काटने के लक्ष्य को पूरा करने में लगे हुऐ है।

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