शहडोल: मेडिकल कॉलेज ने कोरोना को बनाया हथियार…..

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शहडोल। कोरोना के बीच आमजन से ज्यादा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक अब इस बीमारी से डरने लगे हैं, यहीं कारण है कि यहां पर उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर ढंग से उपचार नहीं मिल पाने से उनकी तबीयत और बिगड़ती जा रही है, ऐसा ही एक मामला बुढ़ार के अग्रवाल परिवार का है, परिजनों ने बताया कि सोमवार को तबियत खराब हुई, जिसके बाद उसे बुढ़ार अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे कोरोना संदिग्ध मनाकर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया और मेडिकल कॉलेज में उसका कोरोना सैंपल लिया गया, लेकिन प्राथमिक उपचार या संबंधित बीमारी का तत्काल में कोई उपचार नहीं किया गया, मंगलवार को बुजुर्ग की तबीयत बिगडऩे पर बुजुर्ग की मौत हो गई। हालाकि मृतक बुजुर्ग की मौत के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई।
जिम्मेदारियों पर डाल रहे पर्दा
एक ओर मेडिकल कॉलेज अपनी कोरोना जांच के लिए रिपोर्ट बाहर भेजने की खबर है, कई लोगों की रिपोर्ट लगभग 3 दिनों से अभी नहीं आई है, लेकिन मृत बुजुर्ग का सैंपल लेकर 24 घंटे के अंदर उसे कोरोना पॉजीटिव बताकर अपनी जिम्मेदारियों पर पर्दा डाल लिया गया, वहीं सवाल यह भी उठ खड़े हुए हैं कि अगर उक्त बुजुर्ग कोरोना से संक्रमित था तो, उसके परिजनों के आखिर सैंपल क्यों नहीं लिये गये और उनकी रिपोर्ट आने में किस चीज की परेशानी है।
खुद को कर रहे पाक-साफ
मेडिकल कॉलेज में कोरोना महामारी को अपनी लापरवाही छुपाने के लिए हथियार बनाया जा रहा है, पूर्व में आई रिपोर्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेडिकल कॉलेज द्वारा लिये गये सैंपल और खुद की जांच में कितने पॉजीटिव केस मिल रहे थे, लेकिन इस मामले में मेडिकल कॉलेज ने फुर्ती दिखाते हुए 24 घंटे के अंदर पॉजीटिव की रिपोर्ट देकर अपने आप को इस मामले में पाक-साफ साबित करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन मृतक के परिजनों के सैंपल न लेने से उनकी कलई खुलकर सामने आ गई।
भटकने को मजबूर परिजन
संभाग के एक मात्र मेडिकल कॉलेज से लोगों को बड़ी उम्मीद थी कि उसके खुल जाने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलेगा, साथ ही हर संभव मदद की आस जगी थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज में जो इन दिनों लापरवाही हो रही है, अब वह किसी से छुपी नहीं है, कोरोना से संबंधित मरीज के परिजनों को पॉजीटिव रिपोर्ट आने की तो, खबर मिलती है, लेकिन उसके बाद उस व्यक्ति के साथ क्या हो रहा है, वह कैसा है और उसकी हालत में सुधार है कि नहीं इसकी भी जानकारी मरीजों के परिजनों को नहीं मिल पाती और वह यहां आकर भटकने को मजबूर होता है।
सैंपल नहीं लिया
वहीं मेडिकल कॉलेज शहडोल की रिपोर्ट के हिसाब से कथित बुजुर्ग कोरोना संक्रमित था, लेकिन कथित बुजुर्ग के परिजनों के सैंपल न लेकर मेडिकल कॉलेज ने कोरोना को लेकर अपनी सतर्कता जाहिर कर दी। जहां एक ओर कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक अमला तनमयता से लगा है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में हो रही लापरवाही से प्रशासन भी कटघरे में नजर आ रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज से जुड़ा कोई भी अधिकारी इस संबंध में जवाब देने से परहेज कर रहा है।
इनका कहना है…
मामला मेरी जानकारी में नहीं है, पूछताछ कर ही कुछ कह पाऊंगा।
नरेश पाल
संभागायुक्त, शहडोल

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