साझा काव्य संग्रहों का हुआ ऑनलाइन विमोचन

शहडोल। संभाग के प्रथम और एकमात्र पुस्तक प्रकाशन संस्था ‘अर्णव प्रकाशन’ सोमवार को साहित्य के क्षेत्र में बढ़ता हुआ प्रकाशन संस्था है, इस प्रकाशन ने बेहतरीन साज-सज्जा एवं  उत्तम गुणवत्ता युक्त पुस्तकों के क्षेत्र में बहुत ही जल्द लोकप्रियता हासिल करते हुए अपना अलग ही स्थान बनाया है। अर्णव प्रकाशन की संस्थापक जिले की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रियंका त्रिपाठी हैं, उन्होंने बताया कि उनके प्रकाशन से अभी तक 9 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। अभी दिसंबर माह में ही 3 साझा काव्य-संग्रह प्रकाशित हुई, ‘स्नेह अनुबंध’ भाग 1 एवं 2 इन दोनों ही भाग में 38-38 रचनाकार हैं, जो देश के 15 प्रांतों से हैं, इस साझा काव्य संग्रह का संपादन भी डॉ.प्रियंका त्रिपाठी ने ही किया है, सह-संपादक के रूप में श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव लखनऊ (उ.प्र.), श्रीमती भावना द्विवेदी शहडोल एवं श्रीमती सोनल आर्या बिलासपुर से रहीं, पुस्तक का आवरण पृष्ठ जिले की उभरती चित्रकार सुश्री मान्या पांडेय ने तैयार किया। इसी प्रकार ‘पांचजन्य काव्य प्रसून’ साझा संग्रह जिसमें देश भर से 26 उत्कृष्ट रचनाकार स िमलित हुए इसके संपादन का कार्य नित्यानंद वाजपेयी उपमन्यु फर्रुखाबाद (उ.प्र.) एवं डॉ.प्रियंका त्रिपाठी ने किया ।
विशिष्ट रचनाकारों की उत्कृष्ट रचनाओं से सजे हुए इन तीनों काव्य संग्रह का ऑनलाइन विमोचन रविवार को गूगल मीट पर किया गया, जिसमें कार्यक्रम की मु य अतिथि डॉ. रीता सिंह वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद कुल्लू (हि.प्र.), कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्णेन्दु कुमार सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार शहडोल, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गण के रूप में राज बोहरे वरिष्ठ कथाकार इंदौर, राजीव नसीब सुप्रसिद्ध गज़लकार प्रयागराज (उ.प्र.), श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव सुप्रसिद्ध गज़़लकारा लखनऊ (उ.प्र.), अशोक प्रियम संस्थापक हिंदी में कविता ई-पत्रिका शहडोल, नित्यानंद वाजपेयी छंद शास्त्री फर्रुखाबाद (उ.प्र.) श्रीमती भावना द्विवेदी शहडोल एवं श्रीमती सोनल आर्या बिलासपुर से रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ जिसे भावना द्विवेदी ने प्रस्तुत किया। सभी विशिष्ट अतिथियों ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से कार्यक्रम को गरिमामयी बनाया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ.प्रियंका त्रिपाठी ने किया। विमोचन कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित कवियों ने काव्य पाठ भी किया।उक्त कार्यक्रम में साझा संग्रह में स िमलित कई रचनाकारों देश के विभिन्न शहरों से ऑनलाइन आकर विमोचन कार्यक्रम में सहभागिता दर्ज की।

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