शुक्ला निपटे अब राव का इंतजार

कमिश्नर ने कलेक्टर को दिये थे अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश
राजपत्रित अधिकारी है राव, इसलिए कमिश्नर ही करेंगे कार्यवाही
स्थानांतरण नीति के विरूद्व स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार कर कूटरचित तरीके से 21 शिक्षकों का मनचाहा स्थानांतरण करने वाले तत्कालीन सहायक आयुक्त डीएस राव और सहायक वर्ग-2 राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला के मामले में कमिश्नर ने जांच के आदेश दिये और आरोप सिद्व होने के बाद कार्यवाही के आदेश भी कलेक्टर को दिये, जिसके कुछ दिनों बाद राजेन्द्र शुक्ला को निलंबित तो कर दिया गया, लेकिन राजपत्रित अधिकारी होने के कारण डीएस राव पर कमिश्नर ही कार्यवाही करेंगे, जिसका अभी इंतजार है।
अनूपपुर। कलेक्टर द्वारा 5 अक्टूबर को जारी पत्र के अनुसार कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी, विकास खंड जैतहरी सहायक वर्ग-2 राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी विकास खंड अनूपपुर (बदरा) नियत किया गया है, निलंबन अवधि में इन्हे नियुमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। हालांकि इस पूरे कूटरचित मामले में दोनो महानुभाव के अलावा उच्चाधिकारी भी शामिल है साथ ही वह 21 शिक्षक भी इसके दायरे में आते है, जिन्होने गलत तरीके से अपना स्थानंातरण कराकर इसे कृत्य में शामिल हुए है, फिलहाल एक पर कार्यवाही की शुरूआत हो गई है अब देखना है कि डीएस राव और उन शिक्षकों पर कब तक गाज गिरती है।
यह उल्लेखित है पत्र में
क्रमांक-3755/स्था./तीन-एक/2020 मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय बल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमाक- एफ 4-18/2019/26/1 दिनांक-24/06/2019 द्वारा राज्य संभाग एवं जिला स्तरीय शिक्षक संवर्ग/कर्मचारियों के लिए जारी स्थानांतरण नीति वर्ष 2019 के विरूद्व स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार कर स्थानांतरण आदेश जारी कराये जाने के संबंध में हुई गंभीर अनियमितताओं की जांच हेतु परियोजना प्रशासन एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना पुष्पराजगढ के आदेश क्रमांक-आईटीडीपी/2019/334 दिनांक-22/01/2020 द्वारा गठित जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन पर आयुक्त शहडोल संभाग शहडोल के पत्र क्रमांक-फा, 11-/19/विकास-06/अनु कार्या./अनूपपुर/2020/4988 दिनांक-24/09/2020 द्वारा राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला सहायक वर्ग-2 तत्कालीन प्रभारी लिपिक स्थापना शाखा कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जिला अनूपपुर द्वारा अपने पदीय दायित्वो का निर्वहन न करते हुए स्थानांतरण नीति के विरूद्व स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार किये जाने के दोषी है, श्री शुक्ला का उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के विरूद्व दंडनीय है, जिस कारण उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत कार्यवाही कर श्री शुक्ला को निलंबित कर दिया गया।
अब डीएस राव का इंतजार
प्राचार्य प्रथम श्रेणी डी.एस. राव कई बार जुगाड के दम पर उच्च पदो में बैठकर मलाई छान चुके है, कभी डीपीसी तो कभी सकायक आयुक्त तो कभी जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका जिले में निभा चुके है और हो भी क्यो न जब कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर खुद मेहरबान हो तो इनकी राह और भी आसान हो जाती है। बीते वर्ष जब इन्हे सहायक आयुक्त के पद से नवाजा गया तो इन्होने ऐसे बडे-बडे कारनामे किये, जिसका परिणाम सहायक वर्ग-2 को तो भुगतना पडा, लेकिन स्वयं अभी बचे हुए है, हांलाकि कमिश्नर कार्यालय में इनके ऊपर कार्यवाही के दस्तावेज पडे हुए है, लेकिन कमिश्नर साहब कब इनके ऊपर कार्यवाही करते है इसका इंतजार लोगों को है।
कमिश्नर ही करेंगे कार्यवाही
वर्ष 2019 में जारी स्थानांतरण नीति के विरूद्व स्थानान्तरण प्रस्ताव तैयार कर स्थानांतरण आदेश जारी करने वाले तत्कालीन सहायक आयुक्त डी.एस. राव वर्तमान में कन्या शिक्षा परिसर जैतहरी में प्राचार्य प्रथम श्रेणी के रूप में पदस्थ है, इन्ही के वजह से बीते वर्षो में सहायक आयुक्त कार्यालय में ताला भी लगाना पडा था, लेकिन जुगाड में माहिर श्री राव हर जगह बच निलकते थे, चूंकि राजपत्रित पद पर होने के कारण कलेक्टर के प्रस्ताव पर कमिश्नर की कार्यवाही कर सकते है, इसलिए अभी डीएस राव पर कार्यवाही बाकी है।
इनका कहना है
मामला मेरे संज्ञान में है, मैं इस मामले को फिर से देखता हूं, दोषियों पर कार्यवाही अवश्य की जायेगी।
नरेश पाल, कमिश्नर शहडोल संभाग

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