… तो क्या कप्तान की मंशा पर पानी फेर रहे बबलू और थाना प्रभारी

Shrisitaram Patel – 9977922638

मुंहमांगी पैसे नही दिये तो सारी धारा लगाते है थाना प्रभारी

व्यापारियों को लूटने के इरादे से कार्य योजना तैयार करते है नरेन्द्र पॉल
वर्षो से जमें है राजेन्द्रग्राम थाने में, बबलू जायसवाल है प्रभारी का वसूलीकर्ता
शराब, जुआ, सट्टा कारोबारियों के बाद अब व्यापारियों को भी ले लिये रडार पर

पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल की टीम ने जिलेभर में अवैध गतिविधियों को कम करने में सराहनीय कार्य किया है, लेकिन एक ऐसा थाना और प्रभारी है जहां खुद के नियम और कानून वर्षो सेे चलते आ रहे है, सैकडों गाडियां दिन-रात सडकों ेपर ओव्हर लोड व बिना ईटीपी के दौडते है, लेकिन टारगेट सिर्फ वही होता है जो उनकी बातों को नही माना या फिर मुंहमांगी कीमत अदा नही किया। भले ही कोई कमियां न हो, लेकिन जुगाड से संविधान की पुस्तक पढकर सारी धाराएं उस पर लगा दी जाती है।

अनूपपुर। थाना राजेन्द्रग्राम में वर्षो से पदस्थ विवादित थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल की कहानी डिंडौरी जिले से शुरू होकर अनूपपुर कोतवाली पहुंची और अब थाना राजेन्द्रग्राम में लिखी जा रही है। पूर्व एसपी के चहेते रहे थाना प्रभारी के कई कारनामें संभाग तक पहुंची, लेकिन शिकायतों को बेअसर करने वाली दवाईयों के जानकार नरेन्द्र पॉल हर जगह से बच कर निकल जाते है। रूपयों और प्रापर्टी की चाहत रखने वाले नरेन्द्र पॉल की कई प्रापर्टी अनूपपुर व अन्य जगहों पर पडी हुई है, वही हर मामले में मनमुताबिक नगद प्राप्त नही हुआ तो बिना जांच के ही किसी को भी आरोपी बनाकर कानून की सारी धाराएं उसके ऊपर लिख दी जाती है, इनका यह धंधा सुचारू रूप से आज भी संचालित है।
थाना प्रभारी के कारनामें
पूर्व पुलिस अधीक्षक मांगीराम सोलांकी के पीछे-पीछे डिंडौरी जिले से अनूपपुर कोतवाली पहुंचे थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल के कार्यकाल में हुए दंगों पर कई युवकों को बिना जांच के ही आरोपी बना दिया गया था, जिसकी शिकायत संभाग तक पहुंची थी, जिसके बाद इन्हे थाना राजेन्द्रग्राम भेज दिया गया था। वहां भी शराब के कारोबार में दुर्गा जायसवाल को खुली छूट दे दी गई थी, जिसके बाद आबकारी विभाग के द्वारा कार्यवाही कर दुर्गा जायसवाल को जेल भेज दिया गया था, लेकिन प्रभारी का कारोबार तब भी नही रूका। अब थाना क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यापारियों से महीने के साथ-साथ अतिरिक्त राशि की मांग भी की जा रही है, नही देने पर कई मामले थाने में दर्ज मिल जायेगे और आप जमानत ही कराते रह जायेंगे।
ेबबलू जायसवाल है वसूलीकर्ता
पुष्पराजगढ अंचल में प्रभारी जब से पदस्थ हुए है तभी से बबलू जायसवाल नामक युवक इनका वसूलीकर्ता बन गया है। बाकायदा ठेकेदार, अवैधकारोबारियों, व्यापारियों और अन्य अवैध ठीहा संचालकों को फोन लगाकर रूपयों व महीनों की मांग करता है और सीधे प्रभारी के पास पहुंचाता है। बबलू अपने व्यापार के साथ-साथ प्रभारी का भी व्यापार पूर्ण ईमानदारी से करता है, चूंकि बबलू दलालों की भांति कार्य करने में कुशल और समक्ष है, यही कारण है कि प्रभारी नरेन्द्र ने अपने संरक्षण में पाल रखा है।
यह किया बबलू और प्रभारी ने
खनिज का वैद्य व्यापारी थाना क्षेत्र से गाडियों को निकालने के लिए हर महीने नजराना देते है, चूंकि कुछ न कुछ खामियां रह ही जाती है और पुलिस अनावश्यक रूप से परेशान न करें इसलिए सभी की मजबूरी होती है। यही सिस्टम क्रेसर संचालक धु्रव पटेल पर भी लागू होता था, लेकिन एक दिन अचानक बबलू जायसवाल का धु्रव के फोन पर कॉल आता है और 60 हजार रूपए अतिरिक्त मांग की गई, जब देने में असमर्थ रहा तो वह राशि 20-30 हजार रूपए में जा पहुंची, उसके बाद भी अब राशि की व्यवस्था धु्रव नही कर पाया तो थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल ने उसकी वैद्य गाडियों को अवैध बताकर उस पर कानून की सारी धाराए लगा दी।
सैकडों गाडियों में सिर्फ धु्रव पर कार्यवाही


पुष्पराजगढ अंचल में जिलेभर सहित पडोसी राज्य छत्तीसगढ तक के कारोबारी अपना कारोबार करते है। जहां बोल्डर, गिट्टी, बाक्साइड जैसे अनेक खनिज तत्व का कारोबार संचालित होता है। जिसके लिए सैकडों गाडियां प्रतिदिन आवागमन करती है, सभी गाडियां ओव्हर लोड या फिर बिना ईटीपी के भी प्रभारी के सहयोग से निकल जाती है। लेकिन प्रभारी की जरूरतों को अगर किसी ने पूरा नही किया तो उसकी गाडियां थाने में ही सडती नजर आयेगी। यही कारण है कि धु्रव पटेल की दोनो गाडियों एमपी-18-जीए- 1907 व एमपी-18-जीए- 2467 में बोल्डर लोड कर ईटीपी के माध्यम से बधार से धिरौल आ रही थी, जहां योजना के अनुरूप लांघाटोला में सागर होटल के पास पुलिस ने पकड लिया गया और कई घंटे देरी करते हुए ईटीपी को अवैध बनाकर कार्यवाही कर दी गई।
इनका कहना है
मैने उनकी बातों को नही माना तो कार्यवाही की गई है, जबकि मेरी दोनो गाडियों पर समयानुरूप वैध ईटीपी मौजूद थी, पकडने के बाद कई घंटे देरी से थाने लाया गया और अवैध बताकर कार्यवाही कर दी गई।
धु्रव पटेल, क्रेसर संचालक
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बात-बात पर पुलिस जांच व गाडियों पर अनाश्यक रूप से कार्यवाही से बचने के लिए हर व्यापारी को यातायात, आरटीओ व पुलिस को महीना देना पडता है, लेकिन अब इतना ज्यादा मांग करने लगे है कि कोई दे ही नही पायेगा।
ज्ञानचंद जायसवाल, जिलाध्यक्ष
ट्रांसपोर्ट एसाशियेसन, अनूपपुर
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हम कार्य को नियमानुसार करते है, कोई कुछ भी आरोप लगाता रहता है, बबलू जायसवाल से मेरा कोई लेना-देना नही है, अगर किसी से कुछ बात किया हो तो इसकी जानकारी नही है।
नरेन्द्र पॉल, थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम
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गाडियों पर कार्यवाही की जानकारी तो हैै, लेकिन इसके पीछे के कारण मैं पूछता हूं, अगर किसी से पैसों की मांग की गई है तो इसकी जांच करवाई जायेगी और कार्यवाही भी अवश्य होगी।
अभिषेक राजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर

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