…तो खुलेआम संचालित है अवैध अहाते

  • देशी की आड़ में अहातों में परोसी जा रही अंग्रेजी मदिरा

शहडोल। अंग्रेजी शराब दुकानों के लिए अहातों का लायसेंस न लेने के बाद भी देशी दुकान के आड़ में अंग्रेजी दुकानों से सटे अब अंदर के रास्ते से जुड़े अहाते संचालित हैं, मुख्यालय में आबकारी की लंबी-चौड़ी फौज है, बावजूद इसके खुलेआम अवैध अहाते संचालित हैं। आबकारी विभाग की कमान सम्हाल रहे जिम्मेदारों ने शायद शराब ठेकेदारों के आगे घुटने टेक दिये हैं, बीते एक साल से आबकारी विभाग के द्वारा अवैध शराब के खिलाफ की गई कार्यवाहियों पर नजर डाली जाये तो, उसमें सिर्फ शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ या कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ ही लगभग 99 प्रतिशत कार्यवाहियां दिखेंगी।
दिखावे के लगे हैं पोस्टर
पुरानी राजेन्द्र टाकीज के ठीक सामने स्थित अंग्रेजी शराब दुकान क्रमांक-1 के संचालक लालजी पटेल के द्वारा अंग्रेजी अहाता चलाने के फेर में पहले दोनों दुकानों को एक कर दिया गया, देशी व विदेशी के पीछे बने अहाते में खुलेआम अंग्रेजी शराब परोसी जाती है, इसकी पुष्टि दुकान के सेल्स मैन से लेकर अहाते में बैठे लठैत तक करते हैं। दिखावे के लिए यहां अंग्रेजी शराब पीना मना है के पोस्टर भी लगाये गये हैं, लेकिन यहां खुलकर अंग्रेजी शराब के जाम छलकाते हुए देखे जा सकते हैं।
अहाते का खुलेआम संचालन
धु्रव रेस्तरां के नाम पर जाने-जाने वाली दुकान नंबर-2 के संचालक दिग्विजय सिंह उर्फ ऋषि जिन्हें पूर्व में अवैध शराब के कारोबार में पुलिस ने 34 (2) के मामले में आरोपी भी बनाया था, उनके द्वारा तो, अंग्रेजी और देशी शराब के दुकान के बीच से बने रास्ते के अंदर संचालित अंग्रेजी अहाते का खुलेआम संचालन किया जाता है, शराब के शौकीनों को दुकान के अंदर से ही अहाते में शराब उपलब्ध कराई जा रही है, सेल्स मैन के साथ ही अहाते का संचालन कर रहे जिम्मेदारों ने यहां पर खुलकर अंग्रेजी शराब छकने की बातें कहीं।
अवैध है सुसज्जित अहाता

रेलवे फाटक के समीप शिवम होटल के नाम से जाने-जाने वाली अंग्रेजी शराब दुकान नंबर-3 के संचालक केशव जायसवाल ने तो जैसे आबकारी अधिकारियों को आंखे मूंदने पर मजबूर कर दिया हो, यहां अंग्रेजी शराब दुकान के अंदर से ही अहाते का रास्ता है, यही नहीं पैकारों को भी दी जाने वाली अवैध शराब इसी रास्ते व अहाते से होती हुई, बाहर जाती है, मजे की बात तो यह है कि यहां देशी शराब दुकान के लिए अलग और अंग्रेजी के लिए अलग केबिन और आधुनिक सुविधाओं से लैस, चारो तरफ अंग्रेजी शराब के पोस्टरों से सुसज्जित अहाता बना हुआ है।
अहातों की नहीं खबर
इस संबंध में जब जिला अधिकारी एस.के. राजौरे से चर्चा की गई तो, उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शराब दुकान लायसेंसी अहाते नहीं दिये गये हैं और न ही ऐसे अहाते संचालित हैं, मुख्यालय सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से रोजाना सैकड़ों शराब प्रेमी इन अहातों में बैठकर अंग्रेजी शराब के जाम छलका रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों के आंखों पर गांधी की बंधी पट्टी ने इधर देखने से रोक रखा है।
नहीं लिया है लायसेंस
वेयर हाऊस के संचालक और तथाकथित दुकानों पर आबकारी से संबंधित कोई भी शिकायत होने के लिए जिस मृत्युंजय सिंह नामक अधिकारी का नाम और नंबर तथाकथित दुकानों पर चस्पा किया गया हैं, उन्होंने इस बात की पुष्टि तो की, कि शहडोल में तीनों शराब ठेकेदारों ने अंग्रेजी शराब बैठाकर पिलाने के लिए लायसेंस नहीं लिया है और न ही ऐसा किया जा सकता है।

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