जिला जेल कटनी में निरूद्ध बंदियों के लिये आयोजित हुआ विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं विधिक सहायता शिविर अस्वस्थता की दशा में समुचित उपचार बंदी का अधिकार है- प्रधान जिला न्यायाधीश श्यामाचरण उपाध्याय

जिला जेल कटनी में निरूद्ध बंदियों के लिये आयोजित हुआ विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं विधिक सहायता शिविर
अस्वस्थता की दशा में समुचित उपचार बंदी का अधिकार है- प्रधान जिला न्यायाधीश श्यामाचरण उपाध्याय


कटनी । मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्यामाचरण उपाध्याय की उपस्थिति में एवं जिला न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दिनेश कुमार नोटिया के दिशा-निर्देशन में शनिवार 26 मार्च को जेल में निरूद्ध बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी जांच कराये जाने, कानूनी सेवाएं एवं सुविधाएं प्रदान करने, बंदियों को कानून के प्रति जागरूकता एवं उनके हितार्थ संचालित योजनाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से जिला जेल कटनी में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। उक्त विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्यामाचरण उपाध्याय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, दिनेश कुमार नोटिया सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी,  आशुतोष मिश्र जिला न्यायाधीश, अग्नीन्ध्र द्विवेदी प्रभारी सी.जे.एम. कटनी एवं श्रीमती लीना कोष्टा जेल अधीक्षक तथा जेलर समता तिवारी और पैनल अधिवक्ता मीना सिंह बघेल एवं पैरालीगल वालेटियर्स आराधना तिवारी, मनीषा प्यासी, रवि नामदेव ने सरस्वती माँ की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर एवं दीप प्रज्जवलित करते हुये किया।

मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी श्यामाचरण उपाध्याय प्रधान ने उपस्थित बंदियों को समझाया कि न्यायाधीश न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्य पर निर्णय देता है। बंदियों का समुचित इलाज हो, यह उनका अधिकार है। उन्होंने बंदी अधिनियम के अंतर्गत कैदियों के अधिकारों व उनके कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया।
जिला न्यायाधीश आशुतोष मिश्रा, ने बंदियों को उत्तम स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया और विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के माध्यम से शारीरिक परेशानियों को दूर करने के लिये प्रोत्साहित किया। शिविर में सचिव दिनेश कुमार नोटिया ने बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता पाने, वकील से परामर्श, चिकित्सा सुविधा, पत्र-व्यवहार, परिजनों से मिलने, विधियों के समक्ष समानता, जमानत का, मताधिकार का, मनोरंजन की सुविधा, रहन-सहन व भोजन की सुविधा, जेल में किए गए कार्य की न्यूनतम मजदूरी पाने का, अपील और रिवीजन के लिए मुफ्त कानूनी सहायता, पढ़ने-लिखने के लिए व व्यायाम, योग व धार्मिक कार्यकलापों के लिए सुविधा आदि कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।  इसके साथ ही प्ली-बार्गिनिंग, पाक्सों एक्ट, बाल संरक्षण, किशोर न्याय अधिनियम के संबंध में जानकारी दी। जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने पैरोल अधिनियम से संबंधित विषय पर जानकारी दी। इसके साथ ही  कैदियों के कर्तव्यों के बारे में भी बताया कि जेल में साफ-सफाई व अनुशासन बनाए रखना, जेल में मोबाइल, नशीले पदार्थों व हथियारों को लाना प्रतिबंधित है।

विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में जिला अस्पताल की टीम से जेल चिकित्सक/आर्थोपेडिक डॉ. राजेन्द्र सिंह ठाकुर, कैंसर/सर्जिकल डॉ आशीष पाण्डेय, नेत्र रोग चिकित्सक डॉ रीनू चौधरी, महिला रोग चिकित्सक डॉ श्रद्धा द्विवेदी, शिशु रोग/स्किन रोग चिकित्सक डॉ मनीष मिश्रा, क्षय रोग चिकित्सक डॉ एस.पी. सोनी, ई.एन.टी. चिकित्सक डॉ प्रकाशचंद्र ताम्रकार, मानसिक चिकित्सक डॉ संदीप निगम एवं अन्य मेडिकल स्टॉफ उपस्थित रहा।
शिविर में प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अग्नीन्ध्र द्विवेदी, पैनल अधिवक्ता मीना सिंह बघेल, पीएलव्ही रविराम नामदेव, आराधना तिवारी, षा प्यासी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कटनी स्टॉफ राजनिवास पाण्डेय, हृदयराज मेहरा, संदीप मिश्रा की उपस्थिति रही। उक्त कार्यक्रम का संचालन जेलर समता तिवारी ने किया एवं कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक लीना कोष्ठा ने सभी अतिथिगण का आभार प्रदर्शन किया।

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