महीनों से बंद पड़ा उप स्वास्थ्य केन्द्र

मरीजों को झोलाछाप डॉक्टरों की लेनी पड़ी है

शरण

शहडोल। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना महज दिखावा बनकर रह गया है। क्योंकि कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर पिछले कई महीने से ताला लटक रहा है। संभागीय मुख्यालय से सटे उप स्वास्थ्य केन्द्र छतवई के ग्रामीणों की अपनी अलग ही पीड़ा है। ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मुहैया करवाने के उद्देश्य से सरकार ने गाव में उप-स्वास्थ्य केन्द्र खोला था, लेकिन यह ग्रामीणों का दुर्भाग्य ही रहा कि लाखों रुपये की लागत से बने उप-स्वास्थ्य केन्द्र पर महीनों से ताला लटका हुआ है।
स्थानीय ग्रामीण उपचार के लिए झोलाझाप की शरण लेने को मजबूर हैं। यूं तो उप-स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा सुविधा का लाभ न मिलने पर सभी ग्रामीण परेशान है। लेकिन फिर भी यहा सबसे अधिक गरीब परिवारों पर बीमारी भारी पड़ रही है। स्थानीय ग्रामीणों को इलाज के या तो झोलाछाप की शरण लेनी पड़ती है या फिर जिला चिकित्सालय तक दौड़ लगानी पड़ती है, लेकिन जिम्मेदार कभी उप स्वास्थ्य केन्द्र की जांच करने की जहमत तक नहीं उठाते।
ग्राम पंचायत छतवई को शासकीय उप स्वास्थ्य केंद्र में पिछले कई दिनों से ताला लटका हुआ हैं, वहीं जिले में बैठे जिम्मेदार जांच सहित अन्य के नाम पर वाहन द्वारा डीजल का भुगतान लेते है, लेकिन समझ से परे यह है कि आखिर इनके द्वारा किस चीज की जांच की जाती है। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना महज दिखावा बनकर रह गया है, क्योंकि कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर पिछले कई दिनों से उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटक रहा है। मजे की बात तो यह है कि यहां पदस्थ जिम्मेदार से अगर कोई पूछ ले कि आप कहां हैं, तो इनके द्वारा मीटिंग के साथ भ्रमण बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया जाता है। ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मुहैया करवाने के उद्देश्य से सरकार ने गांव में उप-स्वास्थ्य केन्द्र खोला था, लेकिन यह ग्रामीणों का दुर्भाग्य ही रहा कि लाखों रुपये की लागत से बने उप-स्वास्थ्य केन्द्र में आये दिन ताला लटका रहता है।
इनका कहना है…
ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि उप स्वास्थ्य केन्द्र बंद हो, तत्काल निरीक्षण करवाता हंू।
डॉ. राजेश मिश्रा
बीएमओ, सिंहपुर

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