सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव पर लगा दिया स्टे

शहडोल। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव पर स्टे लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि ओबीसी आरक्षण आधार पर पंचायत चुनाव नहीं कराए जाएं। वहीं निर्देश को न मानने पर पंचायत चुनाव रद भी किए जा सकते हैं। इस मामले पर 27 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व जस्टिस विजय शुक्ला की युगलपीठ ने साफ कर दिया कि शीतकालीन अवकाश के बाद मामले पर अगली सुनवाई की जाएगी।जबकि दमोह निवासी डा. जया ठाकुर द्वारा अधिवक्ता वरुण ठाकुर के माध्यम से गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए दायर की गई अन्य याचिका पर सुनवाई की अगली तिथि शीतकालीन अवकाश से पूर्व 21 दिसंबर निर्धारित कर दी गई थी।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद 243 (ओ) के अनुसार चुनाव की घोषणा के बाद कोर्ट को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। कार्यकाल मार्च 2020 में पूरा हो चुका है। कोविड के कारण चुनाव में देरी हो चुकी है, तैयारी पूरी हो गई है और वोटर लिस्ट तैयार है। अब चुनाव टलेगा तो नए सिरे से वोटर लिस्ट व अन्य प्रक्रिया करनी होगी, जिससे पूरा चुनाव प्रभावित होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर ने बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा पंचायत चुनाव मामले में शीघ्र सुनवाई की मांग नामंजूर किए जाने को गुरुवार को ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी गई है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई निर्धारित की गई थी।

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