बिना बिल के छत्तीसगढ़ जा रही चावल की खेप को संभागीय उड़नदस्ता टीम ने पकड़ा,और अब साठगांठ कर क्लीनचिट की तैयारी ने पकड़ा जोर

(अनिल तिवारी) 7000362359

शहडोल। जिले में गत दिवस बिना बिल के लाखों रुपए के चावल को संभागीय निरीक्षण दल ने पकड़ा है। उड़नदस्ता टीम के सहायक उप निरीक्षक ने बताया कि यह चावल मध्य प्रदेश के सीधी जिला से लोड होकर छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर पर किसी व्यापारी को सप्लाई किया जा रहा था। जांच के दौरान ट्रक में लदे चावल के बिल संदिग्ध मिले साथ ही जिस फर्म के द्वारा बिल काटा गया है, उस फर्म के पास ना तो कोई राइस मिल है, और ना ही उनके द्वारा धान का मंडी टैक्स पटाया गया है। इसके बावजूद भी लाखों रुपए का चावल किस प्रकार लोड किया गया यह भी जांच का विषय है लगातार सीधी जिला से चलकर शहडोल तक आने में लगभग आधा दर्जन थाना क्षेत्र एवं आधा दर्जन ही मंडी के अधिकारीयो की नजरों से गुजर कर यह चावल का ट्रक यहां तक पहुंचा , लेकिन रास्ते पर किसी भी मंडी या पुलिस के अधिकारी द्वारा बिना बिल के जाने वाले इस ट्रक पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि कालाबाजारी का खेल कई वर्षों से अनवरत रूप से जारी है, और पकड़े जाने के बाद भी संदिग्ध बिल के आधार पर थाना अमलाई पर मंडी के उप निरीक्षक ने सुपुर्दगी तो करवा दी गई है ।

यह है मामला

लाखों रुपए का चावल जो कि अशोक लीलैंड की गुड्स ट्रक जिसका नंबर एमपी 18 एच 5241 है जिसका मालिक श्री साईनाथ कंस्ट्रक्शन शहडोल के नाम पर दर्ज है। इस ट्रक से लाखों रुपयों का अवैध चावल बिना बिल के मध्य प्रदेश के सीधी जिला के रामपुर नैकिन क्षेत्र रैदुवरिया से लोड करवाया गया मजे की बात तो यह है कि हिमांशु ट्रेडर्स के नाम से जिस चावल का बिल भी काटा गया है उक्त फर्म के नाम पर नाही कोई राइस मिल है और ना ही धान खरीदने का मंडी टैक्स का कोई प्रमाण, फिर भी इतनी मात्रा में अन्य राज्य छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर पर किसी व्यापारी को बेचे जाने की बात डुप्लीकेट बिल्टी पर सामने आई है। खबर तो यह भी है कि यह चावल गरीब लोगों को दिए जाने वाले कोटा का चावल है। जिसे मिलर को दिया जाता है उन्हीं चावल को गोलमोल करते हुए रायपुर भेजने की तैयारी चल रही थी। जिस पर बुढ़ार मंडी क्षेत्र पर निगाहें जमाए बैठे संभागीय उड़नदस्ता की टीम ने जांच के दौरान गलत पाए जाने पर पकड़ कर अमलाई थाना में चावल के ट्रक को सुपुर्दगी की कार्यवाही की गई है।

कई मंडी, थाना गुजरने के बाद बुढार में हुई कार्यवाही

लगातार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच इस तरह की कालाबाजारी की खबरे पहले भी सामने आती रही हैं। और समय-समय पर कार्यवाही भी होती रहती हैं इसके बावजूद भी लगभग 200 किलोमीटर का फासला और लगभग आधा दर्जन थाना और मंडी की चौकिया निकल जाने के बाद बुढ़ार क्षेत्र में उड़नदस्ता टीम के उप निरीक्षक राजेंद्र चौधरी द्वारा यह कार्यवाही की गई है, निश्चित रूप से यह सराहनीय है लेकिन मुद्दे की बात तो यह है कि 200 किलोमीटर के दूरी को तय करके आने में आधा दर्जन थानों की टीम और आधा दर्जन मंडी के जांच सदस्य के अलावा कई अधिकारियों के रास्तों को पार करते हुए इस सफर को तय करके लगभग छत्तीसगढ़ के बॉर्डर एरिया तक पहुंचने में कामयाब हो रही है। इससे यह प्रतीत होता है कि कहीं ना कहीं इस कालाबाजारी में कई जिम्मेदार लोगों का हाथ इन कालाबाजारीयो के ऊपर बना रहता है, तभी तो बखूबी बिना बिल के ही एक राज्य से दूसरे राज्य में चावल को पार कर रहे है।

जांच से खुलेंगे राज

करोड़ों की संपत्ति बनाने के लिए चावल की कालाबाजारी को अंजाम दे रहे संदिग्ध फर्मों पर, कड़ाई से जांच की जाएगी तो निश्चित रूप से एक नया राज्य सामने आएगा जो पूरे संभाग से पार हो रही अनाज के मामलों पर नया खुलासा भी हो सकता है। पहले भी इन फर्मों के द्वारा इस तरह की कालाबाजारी की जा रही है जिस पर कड़ाई से जांच की आवश्यकता है निश्चित रूप से जांच की गई तो बड़े खुलासे हो सकते हैं। क्योंकि लगातार क्षेत्र में ऐसी शिकायतें बनी रहती है कि मिलरो के द्वारा शासकीय धान को पहले चावल बनाया जाता है और उसके बाद शासकीय मूल्य की दुकान पर दिया जाता है जिस पर बड़ा खेल खेलते हुए आम लोगों की थाली में परोसे जाने वाले राशन की चोरी करके उस चावल को बाहर भेज कर लाखों रुपयों की कालाबाजारी की जाती है।

कालाबाजारी से जुड़े सभी फर्म की हो जांच

लाखों रुपए की कीमत से लदे हुए चावल की बोरियों को पार करने वाले सभी फर्म चाहे वह चावल बेचने वाली फर्म हो, या फिर उस अवैध चावल को बाहर ले जाने वाली गुड्स ट्रक की कंपनी, और छत्तीसगढ़ राज्य के राजधानी रायपुर पर खरीदने वाले व्यापारी जो बिना बिल के माल को खरीद कर कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहा है। इन सभी लोगों के ऊपर विभाग के द्वारा जांच करते हुए एफ आई आर की प्रक्रिया सभी फर्मों पर करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके सभी फर्म एक दूसरे से जुड़ कर लाखों रुपए की हेराफेरी कर रहे हैं चाहे वह ट्रक मालिक हो या फिर चावल खरीदने बेचने वाले व्यापारी, आप सोच सकते हैं कि बिना बिल के ही एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने वाले इस संगठन में कितनी ताकत है कि लगभग 400 किलोमीटर के दूरी को तय करने के साथ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर जांच अधिकारी को चकमा देकर या मिलीभगत करते हुए न जाने गरीबों के हित के कितने चावलों को इनके द्वारा पार किया जाता रहा है। इन सभी राज् से पर्दा उठ सकता है अगर जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन करते हैं तो।

सांठगांठ कर क्लीन चिट की चल रही तैयारी

खबर मिली है कि गत दिवस पकड़े गए इस चावल के खेप को सही करने के लिए सीधी जिला से हिमांशु ट्रेडर्स के मालिक शहडोल पहुंच चुके हैं और मंडी के अधिकारियों के साथ साथ संभागीय उड़नदस्ता के टीम के साथ सांठगांठ करते हुए क्लीन चिट देने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए बकायदा संभागीय कार्यालय ने मीटिंग की जा रही है अगर इस मामले पर जल्द ही जिला प्रशासन के द्वारा संज्ञान में लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है तो मामले को रफा-दफा करते हुए क्लीनचिट देकर कालाबाजारी से आ रहे चावल को लाखों रुपए लेकर निपटा लिया जाएगा। और एक बार फिर से कालाबाजारी अपने आप में महारत हासिल करते हुए सफलता की ओर अग्रसर हो जाएगी।

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