खबर का असर प्रशासक एसडीएम पहुँची नगर परिषद नौरोजाबाद कार्यालय मचा हड़कंप

संदीप तिवारी

उमरिया। जिले के नगर परिषद नौरोजाबाद में पदस्थ सीएमओ द्वारा बिना जानकारी के खरीदी पर शिकायत मिलने पर पहुंची प्रशासक एसडीएम नेहा सोनी। सीएमओ मैडम ने एक ओर जहाँ आपदा को अवसर में तब्दील कर नियमों को ताक में रखकर डिजिटल इंडिया का दुरुपयोग करते हुए, कोरोना से संक्रमित अकाउंटेंट का डिजिटल सिग्नेचर को कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से बिल में चिपका – चिपका कर प्रशासक एसडीएम नेहा सोनी को जानकारी नहीं देते हुए उल जुलूल खरीदी कर ली । जिसके गुणवत्ता और मूल्य पर सवाल उठने लगे और अखबारों में प्रकाशन हुआ तो एसडीएम मैडम नगर परिषद नौरोजाबाद कार्यालय पहुंची और जानकारियां मांगने पर उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों द्वारा बताया गया कि आने वाले दिनों में इस विषय की जांच की जाएगी और अगर गलत पाई जाती हैं तो सीएमओ  के खिलाफ कार्यवाही अभी तय की जाएंगी। बरहाल आधिकारिक रूप से एसडीएम द्वारा मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी गई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि अमानक स्तर के सामान बिना टेंडर के खरीदे गए सामान पर जांच  निश्चित रूप से होनी है।

जिम्मेदार अधिकारी ही कर रहे गोलमाल

सरकार लाख दावे कर रही है कि जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी होने पर इसका फायदा यह होगा कि पहली चीज पेपरलेस वर्क होगा।
दूसरी समय की बचत होगी और तीसरी  अहम चीज भ्रष्टाचार जड़ से खत्म हो जाएगा।लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी की फितरत ही सिस्टम में सेंधमारी करने को हो तो तमाम तरह की पारदर्शिताए धरी की धरी रह जाती हैं,यही हुआ नौरोजाबाद नगर परिषद में इसलिए तो नगर पालिका के सीएमओ द्वारा जिम्मेदार प्रशासक को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई हैै। और मनमाने रेट पर सामानों की खरीदी की गई है जिसके गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहा है।

क्या होगी कार्यवाही या फिर चलेगा मैनेजमेंट का खेल

सीएमओ नौरोजाबाद द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को समझने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है,लेकिन क्या एसडीएम नेहा सोनी सीएमओ नौरोजाबाद की रक्षा कवच के चक्रव्यूह को तोड़कर कोई सार्थक कार्यवाही कर पाएंगी या उनकी कार्यवाही भी कौरवों की भीड़ में वीरगति को प्राप्त हो जाएगी। फिलहाल यह जांच का विषय है और जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे।

इससे पहले भी व्यवहारी नगर पालिका में पदस्थ रहते हुए सुर्खियों में छाई सीएमओ साहिबा
ब्योहारी नगर पालिका में यहाँ खेत की मेड़ों में प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर दिया गया कि। बिना किसी ठोस मापदंड के ही और किसी स्वामित्व नहीं होने के बावजूद भी प्रधानमंत्री आवास योजना को आवंटित कर दिया गया था यह मामला भी बहुत पहले सुर्खियों में बना रहा और आज तक आवास योजना वहां पर अधूरा पड़ा हुआ है।

प्रदेश भर की बटोर चुकी हैं सुर्खियां:

नगर परिषद नरोजाबाद में पदस्थ सीएमओ के ऊपर पहले भी लोकायुक्त की कार्यवाही हो चुकी है ।उमरिया जिले के ही चंदिया नगर परिषद में पदस्थ रहते हुए सिंगरौली निवासी मोहम्मद आमिर के द्वारा चंदिया नगर परिषद में किए गए नाली निर्माण के 2 लाख 74 हजार के बिल को भुगतान करने के एवज में बिल का 50 प्रतिशत कमीशन की माँग पर उक्त ठेकेदार की शिकायत पर लोकायुक्त की कार्यवाही हुई थी, और एक बार फिर से नगर मोर्चा संभालते हुए अमानक स्तर के सामान को ऊंचे मूल्य पर खरीद कर सुर्खियां बटोर रही हैं। मुद्दे की बात तो यह है कि नगर पालिका क्षेत्र में किसी भी सामान की खरीदी के समय टेंडर जारी किए जाते हैं। और गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखकर सभी नियमों का पालन करते हुए कार्य किया जाता है। लेकिन यहां पर कोविड-19 को बहाना बनाकर अमानक स्तर का सामान खरीदे जाने वह भी अपने उच्च अधिकारियों के बिना संज्ञान के खरीदी कर लाभ कमाने की नियत को दर्शाती है। और इस मामले पर प्रशासक एसडीएम नेहा सोनी का अचानक आना कहीं न कहीं जांच का मामला लगता है।

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