सरपंच-सचिव ने की थी शासकीय राशि में खयानत ,आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास

शहडोल। सम्भागीय जनसंपर्क अधिकारी नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि ब्यौहारी न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा  शासकीय योजना की राशि को आहरित कर दुरूपयोग करने के आरोप में आरोपी तत्कालीन सचिव दीपनारायण उपाध्याय पिता रामगोपाल उपाध्याय उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम देवगांव को धारा 409/34 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 420/34 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास  एवं धारा 120 बी भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया गया एवं आरोपी तत्कालीन सरपंच दीनदयाल कोल पिता लल्ला कोल उम्र 38 वर्ष निवासी ग्राम मैर टोला, थाना व तहसील ब्यौहारी के विरूद्ध धारा 409/34 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 6,42,155 का अर्थदण्ड, धारा 420/34 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 का अर्थदण्ड एवं धारा 120 बी भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।  उक्त प्रकरण की पैरवी बसंत कुमार जैन अपर लोक अभियोजक ब्यौहारी द्वारा की गई।
अमानत में की थी खयानत
सम्भागीय जनसंपर्क अधिकारी नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि अभियोगी सियाशरण गुप्ता ने 11 अप्रैल 2015 को थाना ब्यौहारी में  रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपीगण द्वारा पंच परमेश्वर योजना अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यो में वित्तीय वर्ष 2013-14 में राशि 7,34,310 रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2014-15 में राशि 1,47,000 रूपए का आहरण, बिना निर्माण कराए किया गया तथा बीआरजीएफ योजनांतर्गत स्वीकृत, ई-पंचायत भवन निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में पंच परमेश्वर मद से बिना निर्माण कार्य कराए तत्कालीन सरपंच आरोपी दीनदयाल कोल एवं तत्कालीन सचिव आरोपी दीपनारायण उपाध्याय द्वारा अपनी माता श्रीमती गायत्री उपाध्याय के नाम से राशि 8,81,310 रूपए एवं बीआरजीएफ योजना अंतर्गत स्वीकृत ई-पंचायत भवन की राशि 4,03,000 रूपए इस प्रकार कुल राशि 12,84,310 रूपए आहरित कर राशि का दुरूपयोग किया गया।

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