पढ़ाई की ललक: नेत्रहीन दिवाकर ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

संतोष कुमार केवट

अनूपपुर। जनपद पंचायत बदरा के ग्राम पंचायत देवगवां निवासी दिवाकर चौधरी बचपन से ही नेत्रहीन है, दिवाकर के परिजन ने बताया कि हम अपने बच्चे को अपने ही गांव के स्कूल में नाम लिखवाने गए थे, लेकिन वहां के प्राचार्य ने अनुमति नही दी और कहा कि इस नेत्रहीन बालक को हम अपने विद्यालय में नहीं पढ़ा सकते, इसके लिए इसे आप नेत्रहीन स्कूल में ले जाए, हमारे इस विद्यालय में इस प्रकार के बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती है। जिले के 11 वर्षीय नेत्रहीन बालक दिवाकर चौधरी ने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान से पढऩे के लिए गुहार लगाई है। बालक का कहना है कि मैं नेत्रहीन हूं, हमारे गांव में नेत्रहीन बच्चों के लिए पढऩे की कोई सुविधा नहीं है। ग्राम पंचायत देवगवां के निवासी दिवाकर के पिता दयाशंकर चौधरी ने बताया कि मैं रोजाना कामकर अपने परिवार का भरण पोषण करता हूं, मेरे पास इतना पैसे नहीं है कि मैं अपने बच्चे को बाहर के स्कूल में पढ़ा सकूं।

नहीं मिला आज तक कोई लाभ

दिवाकर के पिता ने बताया कि हमारे ग्राम पंचायत में सरपंच सचिव को सब जानकारी है, लेकिन आज तक दिवाकर को किसी भी प्रकार का कोई आर्थिक मदद या महीने का पेंशन नहीं दिया गया, और ना ही मुझे किसी प्रकार का जानकारी दी गई कि मैं अपने बालक को कहीं जाकर नेत्रहीन स्कूल में पढ़ा सकूं। नेत्रहीन बालक दिवाकर चौधरी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि मुझे आगे पढ़ाई करना है, इसलिए मामा शिवराज सिंह चौहान से मेरा निवेदन है कि मेरा सहयोग करें, ताकि मैं पढ़ लिख कर अपने गांव और प्रदेश का नाम रोशन करूं और अपने पैरों पर खड़ा हो सकूं।

 

 

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