मंदिर-मस्जिद से मिलता राजस्व तो नहीं होते तालाबंदी: लक्ष्मण

विंध्य प्रदेश बनाना समय की मांग

(Anil Tiwari+91 70003 62359)
शहडोल। जन अस्मिता यात्रा के माध्यम से किसानों, नौजवानों, श्रमिकों की वर्तमान ज्वलन्त मुद्दो के निराकरण की मांग को लेकर गत दिनों समूचे विंध्य में 1300 किलोमीटर की यात्रा, 319 जन सभाएं एवं 20 पत्रकार वार्ता कर जन जागरण का कार्य मेरे संयोजकत्व में सैकड़ों सहयोगियों ने किया था, जिसमें अन्य प्रमुख मुद्दों के साथ-साथ प्रदेश सरकार द्वारा आमजनों से गोबर एवं गौमूत्र खरीदकर घर-घर रोजगार उपलब्ध कराए जाने का मुद्दा प्राथमिकता में था। गोबर में जहाँ एक ओर सरकार वर्मी कम्पोस्ट खाद, फाइलें, प्लाईवुड, डिस्टेम्पर पेन्ट आदि तैयार कर राजस्व हासिल करेगी, वही दूसरी ओर किसानों की बोनी के फसल का रकवा बढ़ेगा और खेती लाभ का धंधा बनेगी। इसी तरह गौवंश की रक्षा होगी, वे सड़क हादसों में नियंत्रण होकर ऐरा प्रथा अपने आप बंद हो जायेगी। अन्य कई फायदे किसानों, आमजनों एवं सरकार को होगा प्रदेश सरकार इस मुददे में अब भी चुप्पी साधे है। छत्तीसगढ़ सरकार इस मुद्दे को लेकर देश में अग्रणी होकर गोबर खरीदी कर आमजनों को भुगतान देना प्रारंभ कर दिया है। उक्ताशय के बयान आज पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने मीडिया से चर्चा के दौरान दिया।
जबरन वसूली हो रही वसूली
श्री तिवारी ने कहा कि आज जब प्रदेशवासी आर्थिक तंगी से जूझ रहे है, प्रदेशडीजल पेट्रोल के दाम आसामान छू रहे हैं, सरकारी समितियों में खाद नदारत है। किसानों को खुले बाजार में अधिक कीमत में गुणवत्ता विहीन खाद-बीज खरीदने की विवशता है। बिजली उपभोक्ताओं को लॉकडाउन की स्थिति में विभाग भारी-भरकम व मनमानी बिल थमाकर जबरन वसूली करने व कनेक्शन काटने अमादा है। प्रतिदिन सैकड़ों घरों की बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं । प्रदेश सरकार इंदिरा ज्योति योजना, संबल योजना आदि योजनाओं की मौखिक घोषणा कर लोगों को राहत एवं छूट दिए जाने की बात करती है, जिसे आदेश न होने के कारण विद्युत विभाग के अधिकारी सिरे से खारिज करते हैं।
कागजी हुई योजनाएं
प्रवासी श्रमिकों व बेरोजगार नौजवानों का पंजीयन करने तथा पंचायत स्तर पर मनरेगा कार्य में रोजगार देने की झूठी घोषणा सरकार कर रही हैं, जिसमें राशि का भुगतान भी हो रहा है, लेकिन किसी भी पंचायत में मनरेगा अंतर्गत न तो कार्य हो रहा है, न ही किसी जरूरत मंद को रोजगार मिल सका है। मनरेगा अंतर्गत होने वाले कार्यो तथा भुगतान की सच्चाई पूर्व में केन्द्र सरकार द्वारा कराई गई जाँच में सामने आई थी, जिसके बावजूद बारिश के दिनों में मनरेगा कार्य संचालन कराए जाने व रोजगार देने की बात समझ से परे है। राहत सामग्री उचित मूल्य की दूकान से हितग्राहियों को न दिया जाकर खुले बाजार में काला-बाजारी करने का खेल जारी है व सरकारी जन हितषी योजनाएं महज कागजी होकर रह जाती है, जिसके कारण प्रदेशवासियों में भारी निराशा और आक्रोश है।
विंध्य की उपेक्षा
प्रदेश के मंत्रिमंडल गठन में जिस तरह विंध्य की उपेक्षा की गई है। इससे साबित हो गया है कि प्रदेश सरकार विंध्य के प्रति कोई सकारात्मक रूख नहीं रखती और यहां के निर्वाचित जनप्रतिनिधि डरे सहमे होकर विंध्य की आवाज उठाने में कतराते है, जबकि सन् 1967 से लेकर 2018 तक विंध्य का प्रतिनिधित्व किसी न किसी रूप में रहा है। स्व. गोविन्द नारायण सिंह, यमुना प्रसाद शास्त्री, कुंवर अर्जुन सिंह, श्रीनिवास तिवारी, बैरिस्टर गुलशेर अहमद जैसे दिग्गज आधार स्तंभ माने जाते थे । सरकार में जो मंत्रिमंडल गठन हुआ है, भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बिना विधानसभा सदस्य 14 लोगों को मंत्री बना दिया गया तथा दल बदलुओं के सामने माथा टेक दिया। इससे साफ जाहिर होता है कि 22 मार्च के पूर्व सौदेबाजी/ खरीद फरोख्त हुई थी। इसके तहत ही वे मंत्री बनाए गए हैं।
आने वाली पीढ़ी को जवाब देना मुश्किल
श्री तिवारी ने आगे कहा कि 27 विधानसभा के उप चुनाव से पहले जो यह कृत्य भाजपा कर रही हैं, उसे स्वर्ग लोक में बैठे श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, पंडित अटल बिहारी बाजपेयी देख ही रहे होंगे पर जिन्दा आडवाड़ी जी कराह रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं को पाठ पढ़ाने वाले इनके नेता व संघ के विचार धारा का असली चेहरा सामने आ गया है, जो लोकतंत्र का चीरहरण करने अमादा है। श्री तिवारी ने अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि विंध्य प्रदेश पृथक राज्य बनाने संघर्ष में जुटे, अन्यथा इसी तरह की उपेक्षाएं होती रहेगी और आने वाली पीढ़ी को जबाव देना मुश्किल होगी।
पूरे देश में भाजपा नीति का विरोध
श्री तिवारी ने कहा कि भाजपा पैसों के लिए देश भर में शराब की बिक्री जोर देकर करवा रही है। शराब दुकानों में लोगों की भीड़ हर कहीं देखी जा रही है, जिसमें कोरोना संक्रमण का खतरा आड़े नहीं आता, लेकिन आस्था के केन्द्रो मंदिर, मस्जिद में गत माहों से ताला लगवाकर कारोना का भय बताया जा रहा है, जो कतई उचित नहीं है। श्री तिवारी ने कहा कि यदि मंदिर मस्जिद मे पूजा अर्चना किए जाने से भाजपा सरकार को राजस्व मिलता तो, उसमें इस तरह ताला बंद नहीं करवाती। भाजपा की गलत नीतियों का विरोध समूचे विंध्य या प्रदेश में ही नहीं बल्कि समूचे देश में हो रहा है, जो आने वाले समय में सबके सामने स्पष्ट रूप से होगा। पत्रकार वाता के दौरान एड. दवेन्द्र शुक्ला, वी. पी. तिवारी, संतोष चौबे, महेन्द्र श्रीवास्तव, नीलू पाण्डेय, हीरालाल विश्वकर्मा संध्या गुप्ता अनूप शर्मा सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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