मातारानी की विजर्सन यात्रा में शामिल हुए हजारो भक्त

आदर्श दुर्गोत्सव समिति ने कराया 2 हजार भक्तों को भंडारे का प्रसाद ग्रहण
मुख्यालय में हर वर्ष स्थापित की जा रही माँ दुर्गा की प्रतिम
पूरे नवरात्रि में छोटे बच्चों ने निभाई अपनी अहम भूमिका

मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में नवरात्रि में भक्तो का अटूट उत्साह देखने को मिला, कोरोनाकाल के कारण भक्तों में वृद्वि नही हुई, लेकिन मातारानी के भक्तों ने देशभर में शांति के लिए दरबार तक पहुंच कर फरियाद जरूर लगाई, अंतिम तीन दिनों में भक्तो भीड देखी गई, वही नवरात्र के समापन पर जगह-जगह विशाल भंडारे का आयोजन कर सेवक भक्तों व दर्शक भक्तों के द्वारा प्रसाद वितरण एवं ग्रहण कर नवरात्र को धूमधाम से मनाया।

अनूपपुर। जिलेभर में नवरात्रि के अवसर पर जगह-जगह माँ दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर पूजन-अर्चन की, कोरोना वायरस के दृष्टि कोण को देखते हुए कई जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी देखा गया तो कई जगहों पर लापरवाही भी नजर आई, लेकिन मातारानी की कृपा से भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नही करना पडा। मुख्यालय के इंदिरा तिराहे, रेलवे स्टेशन सब्जी मंडी, एसबीआई मार्ग, सामतपुर मार्ग सहित अनेक स्थानों पर माँ की प्रतिमा विराजमान की गई है। वही ग्रामीण अंचलों में भी भक्तों के द्वारा मातारानी की प्रतिमा स्थापित कर विधि विधान से नवरात्रि पूजन का समापन किया गया।
2 हजार लोगों को खिलाया फोज


जिला मुख्यालय में आदर्श दुगोत्सव समिति के तत्वाधान में आयोजित विशाल भंडारे में लगभग 2 हजार भक्तों ने भंडारे में शिरकत कर प्रसाद ग्रहण किया, वही प्रतिदिन तरह-तरह के प्रसाद व कार्यक्रमों को आयोजन किया जाता रहा है, छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा जहां हर रोज प्रतियोगिता का आयोजन कर नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाई, वही समापन पर भंडारे में सुबह से लेकर शाम तक बच्चों ने भक्तो को प्रसाद ग्रहण कराया, भक्तों के द्वारा महानिशा पूजा, दीप यज्ञ सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर समिति ने नवरात्रि में मातारानी की कृपा से हजारो लोगों को प्रसाद ग्रहण कराया।
जगह-जगह भंडारे


नवरात्र के अवसर पर मां के दरबार में मन्नतों के साथ श्रद्धालु चुनर लेकर पहुंच रहे थे, उनका स्वागत भंडारे में खीर, पूडी खिलाकर किया जा रहा था, भंडारे में नवयुवकों द्वारा प्रशंसा पूर्वक सुबह से ही सेवा दी जा रही थी, नवरात्र में माता दुर्गा के पंडाल के साथ स्थापित की गई दुर्गा मंदिर, गायत्री शक्तिपीठ व रूद्रेश्वरी मंदिर में 9 दिनों तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कही प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया गया तो कही हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किए। नगर में दुर्गा पंडालों में अलग-अलग दिनों मे भंडारे का आयोजन हुए।
नवमी को कन्या पूजन


शारदीय नवरात्र पर नवमी को कन्या पूजन, कन्या भोग और माता को विदाई के साथ समापन हो गया। सोमेश्वर के मुख्य बाजार में क्षेत्र के युवाओं ने सामूहिक रूप से भंडारे के आयोजन के साथ ही कन्या का पूजन कर उन्हें विधिवत भोजन कराया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता की जयकारे के साथ मां की मूर्ति को अंडर ब्रिज के पास निर्मित विसर्जन कुंड में विसर्जित किया जायेगा। कन्या भोजन कराकर भक्तों ने मातारानी से सुख एवं संमृद्वि की कामना की है।
कीर्तन-भजन का आयोजन


ग्रामीण क्षेत्रों में भक्तों के द्वारा पंडालों में प्रतिदिन भजन व कीर्तन का आयोजन किया जाता रहा है, कीर्तन व आरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। शाम को भक्तों ने प्रसाद खाकर व्रत का समापन किया। मंदिर परिसर मां के जयकारों व भजनों से गूंजायमान थे। इसके अलावा जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। कोरोना संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए लोगों के बीच फल का वितरण किया गया। भक्तों ने बताया कि मां के दर्शन मात्र से मन को काफी शांति मिलती है। जीवन की सारी परेशानियां दूर होती हैं।

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