दो थाना तीन जुआरी, पुलिस पर पड रहे भारी

कोयलांचल में फिर शुरू हुआ दिप्पू, बिलाल और आशू का अवैध कारोबार
पुलिस को चकमा देकर चोरी-छिपे कर रहा संचालन
अनूपपुर। देश भक्ति जन सेवा की कसमें खाकर कोयलांचल की रक्षा करने पहुंचे वर्दीधारी शायद यह भूल गये कि उनके कर्तव्य क्या है, या यूं कहे कि सफेदपोशो और उच्चाधिकारियों के मैनेजमेंट के आगे अपना सर्वत्र निच्छावर कर दिये, लाखों रूपए प्रतिदिन जुआ खेल कर लोग बर्बाद हो रहे है, और चंद रिश्वत के फेर में कसमे-वादे तोडकर उन्ही जुआरियों के मार्ग पर चलने लगे। कोयलांचल नगरी कोतमा और भालूमाडा आर्थिक रूप से काफी सशक्त है, यहीं कारण है कि यहां वैध के साथ अवैध कारोबार सबसे ज्यादा होता है, कई बार सूदखोरो की वजह से कई कई लोगों ने मौत को गले तक लगा लिया, वही जुए और सट्टे में कई परिवार बर्बाद हो गये, वर्षो से जुए के फड का संचालन करने वाले दिप्पू का खेल समाप्त नही हो पाया है, एकाध महीने के लिए बंद हुआ तो बहुत बडी बात है, नही अक्सर दिप्पू के सानिंध्य में अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा है, लेकिन आज तक पुलिस ने क्यो कार्यवाही नही की, यह बात लोगों के समझ से परे है।
फिर शुरू हुआ जुए का खेल
कोतमा और भालूमाडा थाना क्षेत्र में जुआ और सट्टा के साथ शराब का कारोबार खूब फल फूल रहा है जो कोतमा के लिए ठीक नही है, दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि कोयलांचल में अपराधों के ग्राफ में लगातार बढोत्तरी के बावजूद भी पुलिस को जानकारी नही है। दिप्पू नामक व्यक्ति के द्वारा सालो से जुए के फड का संचालन कर स्थानीय जुआरी एवं बाहरी जुआरी को बुलाकर खिलाया जा रहा है।
दो थाना तीन जुआरी
कोयलांचल के दो थाने कोतमा और भालूमाडा जहां तीन जुआरियों ने इन दिनों अवैध धंधे में पैर पसार लिया है, दिप्पू, बिलाल और आशू ने पुलिस से छिपकर चोरी छिपे प्रथम पारी में सुबह और द्वितीय पारी में रात्रि में जुए के फड का संचालन किया जा रहा है। ये तीनो जुआरी अलग-अलग ठीहे में लाखो के दाव का संचालन करवा रहे है, गौरलतब हो कि पुलिस के कुछेक सिपाही इन्ही जुआरियों के ताजपोशी में अपना नौकरी पका रहे है, जिसके कारण थाना प्रभारी तक इस बात की जानकारी नही पहुंच पाती है, वही थाना प्रभारी भी पता करने की कोशिश भी नही करते, जिस कारण इन तीनो जुआरियों का महफिल फल-फूल रहा है।
संरक्षण में अवैध धंधा
बताया जाता है कि कोतमा में दिप्पू अपने गुर्गों के माध्यम से फड का संरक्षण देता है, अड्डों पर सुबह से शाम तक गुर्गे खेलने वालों को सुरक्षा देते है। कोतमा में हो रहे जुए के अवैध कारोबार के कारण वातावरण दूषित हो रहा है और प्रतिदिन परिवार में कलह की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इतना ही नही जुए के फड संचालक द्वारा अपने वाट्सअप के माध्यम से हिसाब खुलेआम लोगों को दिखाया जा रहा है, लेकिन पुलिस को यह सब नही दिख रहा है।

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