पंचायत निर्माण कार्य में हुआ मशीनों का उपयोग

फर्जी मस्टर रोल भरने के लगे आरोप, जांच की उठी मांग

शहडोल। जिले की जयसिंहनगर जनपद पंचायत की कुबरा पंचायत में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है, ग्रामीणों को उनके ही गांव में 100 दिन का काम देकर पलायन रोकना राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का उद्देश्य है, लेकिन ग्राम पंचायत कुबरा में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने मिलकर कुछ ऐसे मजदूरों के नाम मस्टर पर दर्ज कर मजदूरी का आहरण करते हैं, जिन मजदूरों ने कभी काम ही नहीं किया, चर्चा है कि आहरण की गई राशि में से कुछ राशि बिना मजदूरी किए उन मजदूरों को दे दी जाती है, जिनके खातों से राशि आहरण की जाती है, जो वास्तव में मजदूरी करना चाहता है, उन मजदूरों को निर्माण कार्याे की भनक तक नहीं लगी, मजबूरन आज भी मजदूर पलायन करने को विवश हैं।
उपयंत्री की भी सांठ-गांठ
जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ग्राम पंचायत कुबरा के जिम्मेदार, उपयंत्री की कथित गठजोड़ से ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिव, रोजगार सहायकों आदि के द्वारा निर्माण कार्य में जमकर मनमानी की जाकर मजदूरों के स्थान पर मशीनों से काम कराया जा रहा है, तहसील के आदिवासी अंचल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत कुबरा में मनरेगा अंतर्गत हुए निर्माण कार्य में जेसीबी मशीन का उपयोग ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक के द्वारा उपयंत्री की मिली भगत से किए जाने के आरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाए जा रहे हैं।
जेसीबी मशीन का उपयोग
ग्राम पंचायत कुबरा में लघु तालाब, मिनाक्षी तालाब, मेढ़ बंधान सहित अन्य मनरेगा के तहत हुए निर्माण कार्य में जेसीबी मशीन का उपयोग किया है, मनरेगा के तहत कराए जाने वाले निर्माण कार्य में मशीनों का उपयोग किया जाना पूर्णत: वर्जित है, बावजूद भी निर्माण कार्य में मशीनों का उपयोग जयसिंहनगर जनपद की ग्राम पंचायत कुबरा में किया गया है। ग्राम पंचायत कुबरा पूर्व में भी विवादों में रही है। ग्रामीण इस ग्राम पंचायत के नुमाइंदों पर निर्माण कार्य में मनमानी व गुणवत्ता हीन कार्य किए जाने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसरों के द्वारा कार्यवाही ना किए जाने से ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक के हौसले बुलंद हैं।
सरपंच ने खुद का किया विकास
ग्राम पंचायत कुबरा के सरपंच ने अपने पूरे कार्यकाल में गांव विकास कम खुद का विकास ज्यादा किया है। सूत्रों की माने तो पंचायत में जो भी सचिव व रोजगार सहायक आता उससे मिलकर निर्माण कार्यों में फर्जीवाड़ा करना, बिना निर्माण कार्य फर्जी तरीके से भुगतान निकलना कई ऐसे कई कारनामें सरपंच, सचिव द्वारा मिलकर किए गए हैं। इन पांच सालों में सरपंच ने रोजगार सहायक व सचिव से मिलकर अपने रिश्तेदारों व चेहतों के नाम फर्जी जॉबकार्ड भरकर लाखों रुपये निकाल लिए हैं।
कागजों में हुआ निर्माण
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत कुबरा में अब तक मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान कर निकाला गया है। इसके अलावा गांव में कुछ लोगों के यहां शौचालय बनवाए गए हैं और कागजों में शौचालय बनवाकर फर्जी तरीके से राशि निकाल ली गई है। ग्रामीणों ने उक्त मामले की जांच कराई जाकर सरपंच, सचिव मामला दर्ज करने की मांग की है।

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