24 घंटे की ड्यूटी के बीच वाष्प , बढ़ा रही वर्दीधारियों का ह्यूमिडिटी पॉवर

(अनिल तिवारी)
शहडोल। कोरोना संक्रमण काल के दौरान जहां पूरा प्रदेश सहित देश सहमा हुआ है, लगभग जिलों में जिला दंडाधिकारी के आदेश के बाद कोरोना कर्फ्यू के कारण सड़के सूनी है और सभी लोग अपने घरों में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बैठे हुए हैं, ऐसी स्थितियों में सड़कों पर वर्दीधारी और अस्पतालों में चिकित्सक बखूबी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, कोरोना संक्रमण की पहली लहर में भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और चिकित्सकों की मौतें कोरोना संक्रमण के संपर्क में आने से हुई थी , shahdol की स्थिति भी पूरे प्रदेश में देश से जुदा नहीं है, कलेक्टर डॉ सत्येंद्र सिंह के निर्देशन में आगामी 1 मई तक कोरोना कर्फ्यू के आदेश दिए गए हैं और इन आदेशों का पालन कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है।

ऐसा समय जब सभी अपने जीवन की रक्षा व सुरक्षा के लिए चिंतित है, इस समय 24 घंटे सेवाएं देने वाले पुलिसकर्मियों की शायद ही किसी को फिक्र हो, पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी के निर्देशन में मुख्यालय स्थित कोतवाली में अपनी सेवाएं दे रहे पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कार्य अवधि के दौरान चिकित्सकों की सलाह पर भाप लेने की व्यवस्था की गई है, कोतवाली प्रभारी राजेश चंद्र मिश्र ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह कोतवाली में ही पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य के लिए सैनिटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्था के साथ ही अब भाप लेने की भी व्यवस्था की गई है,जिसमें कोई समय तो निर्धारित नहीं किया गया है लेकिन अपनी सुविधानुसार दिन में दो से तीन बार सभी पुलिसकर्मी भाप ले रहे हैं, जिससे कोरोना के संक्रमण से बचा जा सके।

राजेश चंद्र मिश्र ने नगर वासियों से अपील की है कि कोरोना के संदर्भ में जारी हुई गाइडलाइन का पालन करें, मास्क का शत-प्रतिशत उपयोग करें, दिन में जितने बार संभव हो साबुन से हाथ धोएं व दिन दो से तीन बार कम से कम भाव अवश्य ले तभी इस कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देश में तरह-तरह के घरेलू उपायों के प्रयोग में लाया जा रहा है। गर्म पानी और काढ़े से लेकर तमाम तरह के इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फलों के सेवन को इन दिनों कोरोना वायरस से बचाने वाले ढाल के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। भाप लेना भी ऐसा ही एक उपाय है जिसे विशेषज्ञ, संक्रमण से सुरक्षा देने वाले उपायों में से एक मान रहे हैं।
भारत में सदियों से भाप लेने का चलन है, इतना ही नहीं विशेषज्ञ इसे सुश्रुत के समय में भी सांस की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले उपायों में से एक मानते हैं। लेकिन क्या आप भाप लेने के सही तरीके के बारे में जानते हैं, वह तरीका जो सांस की तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ आपको मौजूदा समय के कोरोना जैसे घातक संक्रमण से बचा सकता है? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानते हैं।

भाप लेने से क्या फायदे हैं?

कोरोना के समय में भाप लेना काफी फायदेमंद हो सकता है। इससे श्वसन प्रणाली तो ठीक ही रहती है, साथ ही यदि आपके फेफड़ों तक कोरोना या कोई अन्य संक्रमण पहुंच गया है, ऐसे मामलों में भी इससे लाभ मिलता है।

भाप लेने का सही तरीका क्या है?

सामान्य तौर से पानी को गर्म करके भाप लिया जाता है, घरों में यही तरीका सबसे आसान होता है। इसके अलावा अब बाजार में कई तरह के उपकरण भी आ गए हैं जिनसे आप आसानी से भाप ले सकते हैं। भाप लेते समय ध्यान रखें कि इसका असर गले और श्वसन नली के आखिर तक जाना चाहिए जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके।

पानी में क्या डाल सकते हैं?

सादे पानी से भी भाप लिया जा सकता है। इसके अलावा आप चाहें तो पानी में दालचीनी के टुकड़े को हाथों से मसलकर डालें और उसे गर्म करके भाप लें। इससे ज्यादा लाभ मिलता है। इस तरीके को प्रयोग में लाने से न सिर्फ गंध न आने की समस्या दूर होती है साथ ही सांस की दिक्कतों में भी राहत मिलती है।

भाप लेते समय मुंह खोलकर रखना चाहिए, ऐसा करने से साइनस और मुंह के अंदुरूनी हिस्सों को भी फायदा मिलता है। इसके अलावा यदि संक्रमण शुरुआती स्थिति में आपके गले या नाक में है, तो इस उपाय से आपको लाभ मिलता है। भाप में मौजूद उष्मा वायरस को बढ़ने से रोकने में सहायक है।

दिन में कितनी बार ले सकते हैं भाप

आप कोरोना से संक्रमित हों या नहीं, भाप लेना सभी के लिए इस समय बेहतर सुरक्षात्मक उपाय हो सकता है। दिन में कम से कम 4 बार भाप लेने की आदत बना लें। हर बार 4-5 मिनट तक भाप लेते रहें। इससे फेफड़े साफ होते हैं साथ ही यदि आप संक्रमित हो गए हैं तो यह उपाय कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने में भी काफी उपयोगी माना जाता है।

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