9- 10 अक्टूबर को हरिराया सतगुरु सांई ईश्वर शाह साहिब जी के पावन सानिध्य में पूर्ण श्रद्धा भाव भक्ति से मनाया जाएगा वर्सी पर्व

9- 10 अक्टूबर को हरिराया सतगुरु सांई ईश्वर शाह साहिब जी के पावन सानिध्य में पूर्ण श्रद्धा भाव भक्ति से मनाया जाएगा वर्सी पर्व


कटनी ॥ प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी सतगुरु बाबा माधव शाह साहब, सतगुरु बाबा नारायण साहिब जी के स्मृति में आयोजित वर्सी पर्व 9- 10 अक्टूबर को हरिराया सतगुरु सांई ईश्वर शाह साहिब जी के पावन सानिध्य में पूर्ण श्रद्धा भाव भक्ति से मनाया जा रहा है।
यह पावन वर्सी पर्व पूर्ण विदेहीमुक्त सतगुरु साहिबानों जिन्होंने मानव समाज को निष्काम समत्व भाव से रूहानियत, प्रेमाभक्ति का सच्चा मार्ग दिखाकर निजघर में पहुंचने का वास्तविक पथ दे एकरूप होने की सोझी प्रदान की हैं, ऐसे विदेही मुक्त सतगुरु बाबा नारायणशाह सतगुरु बाबा माधवशाह साहिब जी की स्मृति में वर्सी पर्व मनाया जाता है इस पावन पर्व में रूहानियत की अनमोल अदभूत निधियां स्वत: बरसती हैं जिसका लाभ प्राप्त करने देश विदेश से संगतें हरेमाधव दरबार साहिब पहुंचती हैं। साध संगत की निष्काम सेवा कर, गुरुनाम मंत्र का सिमरन ध्यान करते हुए सत्संग के अमृतसरोवर में डूबकी लगा वचनों को आत्मसात करते हैं, सुपात्र श्रद्धालु अमृत वर्षा का लाभ प्राप्त करते हैं। वर्सी पर्व को विशाल रूप से मनाने के लिए हरिराया सतगुरु बाबा ईश्वर शाह साहिब जी के सानिध्य में आम बैठक हरेमाधव परमार्थ सत्संग समिति द्वारा आयोजित की गयी । बैठक में वर्सी पर्व की महत्ता एवं उसके लाभ पर प्रकाश डालते हुए आपजी ने समझाया कि – आत्मा सत्य स्वरूप परमात्मा का अंश होते हुए भी अपनी असलता से विमुख हो गई है, काल के प्रभाव आ आत्मा अपने निज स्वरूप को विसार मन – माया के फैलाएं जाल में फंस विकारों- चौरासी में कैद हो गई है। काल माया कैद से मुक्त होने की राह प्रदान करते हुए आत्मा को अपने वास्तविक स्वरूप की पहचान पूरण सतगुरु बताते हैं। आज जीवों में न बंदगी है और न ही निर्मलता है जिस कारण उसे सत्यस्वरूप की पहचान नहीं पाती हैं। सतगुरु वचनों को आत्मसात अमल करने वालों को ही मोक्ष प्राप्त हो सकता हैं। सेवक भगत को सदा प्रयत्नशील रहना चाहिए कब कृपा प्राप्त हो जाएं और स्वयं की पहचान हो जाएं जब स्वयं की पहचान होगी तब भीतर दिव्यज्योति जागृति प्रकाश प्राप्त होता है ।‌ सतगुरु जी समझाते हैं कि जिस तरह सुर्य के तेजोमय प्रकाश को खुली आंखों से देखना तकलीफ दायक होता है पर चश्मा लगा कर उसे देख सकते है ऐसे ही भक्ति भाव में भी ईमान रूपी चश्मा लगाकर पाया जा सकता है यहॉ ईमान का अर्थ है वचनों का आचरण करने से जीवन में ढालने से हैं जिन्होंने धर्माचरण से जीवन यापन किया उन्होंने भक्ति का अनुपम उपहार अपने अन्दर पाया है । आत्मा को परमात्मा में लीन होने देरी, कठिनाई, उलझनें इसलिए है क्योंकि जीव मनमत में इन्द्रिय रसभोगों में उलझ बाहरमुखी कर्म करने के कारण मल्लीन है, आत्मा नाश्वान से प्रभावित होकर दुःखी रहती है अंशी अपने अंश से दूर होकर उसने देही को अपना लिया है इस जगत में खुली आंखों जो दिखाई दे रहा है वह सब नाशवंत है और जो सदा कायम दायम रहना है वाला अविनाशी तत्व हमारे अन्तर में है उसे हमने भूला दिया हैं, सेवा सत्संग सिमरन ध्यान दर्शन को रोम रोम में रमाने के लिए पर्वों का आयोजन किया जाता है कि जीवात्माएं अन्धकारमय, मायामय से निकल से निकल शाश्वत सत्य को प्राप्त हो *सेवा द्वारा सतगुरु जी उच्च संस्कारों से पोषित करते हैं , सेवा सुखों की खान है,* इसलिए जब भी सेवा का सुअवसर प्राप्त हो निष्काम एवं अकर्ता भाव से परमार्थी सेवाएं प्रदान किया करते रहें। गुरुमुख साधक शुक्राने भाव में कहता हैं *” तुहंजूं कोट भलायूं”* आपके उपकारों का अनन्त शुक्राना…. शुक्राना….. शुक्राना……
वर्सी पर्व की आम बैठक में शामिल होने देश के अनेक नगरों से श्रद्धालु पधारे एवं कटनी,माधवनगर की लगभग 50 सामाजिक संस्थाओं एवं व्यापारिक संगठनों ने हरे माधव परमार्थ सत्संग समिति की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सेवाएं प्रदान करने का संकल्प लिया जैसा कि पूर्व में बता चुके हैं 9-10 अक्टूबर 2022 वर्सीपर्व मनाया जाएगा।

कार्यक्रम इस प्रकार है-
9 अक्टूबर 2022 को प्रात : 8 बजे सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी दीप प्रज्वलित कर वर्सी पर्व का शुभारम्भ करेंगे ( माधवनगर रेलवे स्टेशन पर )
प्रातः 9 बजे सुसज्जित रथ पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसमें रथ पर विराजमान हो कर संगतों को पावन दर्शन से निहाल करेंगे शोभायात्रा बाबा माधव शाह बाबा नारायण शाह गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ होकर हरे माधव दरबार साहिब में पहुंच हरे माधव सत्संग में भजन कीर्तन होंगे । दोपहर में बाबा माधवशाह चिकित्सालय में आयोजित दो दिवसीय चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ । सांयकाल 6 बजे से हरे माधव सत्संग शब्दकीर्तन जिसमें भजन कीर्तन प्रवचन होंगे और हरे माधव रूहानी बाल संस्कार के नन्हें मुन्हें बच्चों की मन मोहक प्रस्तुतियां होंगी
10 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे से हरे सत्संग शब्दकीर्तन में भजन कीर्तन एवं सतगुरु सांई ईश्वर शाह साहिब जी द्वारा अमृत वर्षा तत्पश्चात आम लंगर भंडारा
रात्रि 8 बजे से हरे माधव सत्संग शब्द कीर्तन एवं हरेमाधव रूहानी बाल संस्कार के नन्हे मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियां
संगतों के ठहराव भोजन की व्यवस्था माधवनगर की अनेक धर्मशालाओं एवं स्कूलों, लॉन्स में की गई है।
कटनी की सभी स्टेशनों एवं प्रमुख चौराहों से वर्सी पर्व पर पधारी संगतों के लिए आवागमन की नि: शुल्क व्यवस्था रहेगी। बाबा माधवशाह चिकित्सालय में 9-10 अक्टूबर को दो दिवसीय निशुल्क शिविर रहेगी, जिसमें कटनी, जबलपुर, नागपुर , रायपुर, सांगली के चिकित्सक अपनी नि: शुल्क सेवाएं प्रदान करेंगें चिकित्सालय में उपलब्ध दवाईयां का नि: शुल्क विवरण होगा है।

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