वॉयरल सच@ दो माह पहले हुई थी एडीजी और शमीम कबाड़ी के बीच बात

(Anil Tiwari+91 88274 79966)
शहडोल। रविवार को शहडोल संभाग के कई व्हॉटसएप ग्रुपों में एक ऑडियो वॉयरल किया गया, बाद मे यह चर्चा सामने आई कि ऑडियो में जिन दो लोगों के बीच बात की जा रही है, उसमें से एक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) जी. जनार्दन राव और दूसरा जबलपुर का स्क्रै प व्यवसायी शमीम है। इन दोनों के बीच बातचीत कब व कितने समय हुई यह भी पुष्टि ग्रुप में नहीं हुई। चूंकि मामला रेंज के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी से जुड़ा हुआ था और दूसरी तरफ बात करने वाला व्यक्ति भले ही स्क्रैप का बड़ा कारोबारी हो, लेकिन आम भाषा में उसे कबाड़ी ही कहा जाता है। जिस लहजे में कथित कारोबारी ने रेंज के मुखिया से बात की, वह उस शमीम नामक स्क्रैप के व्यवसायी का चरित्र और खिसियाहट को दर्शा रही थी।

हमने जब इस वॉयरल ऑडियो की पड़ताल शुरू की तो, सबसे पहले हमनें इन दोनों के बीच चर्चा में आये अनीश नाम के उस स्क्रैप व्यवसायी से संपर्क किया, जो शहडोल में ही अर्से से स्क्रैप का कारोबार करता है, अनीश ने इस मामले से अनभिज्ञता जताई, इसके बाद हमने जबलपुर के कथित कारोबार शमीम से संपर्क किया, शमीम ने इस बात को स्वीकार किया कि उसकी और एडीजी जी.जनार्दन राव का यह ऑडियो झूठा नहीं है, इसमें उन दोनों की ही आवाज है, लेकिन उसने यह भी बताया कि यह ऑडियो अभी का नहीं कुछ माह पुराना है, शमीम ने यह भी बताया कि फिलहाल वह कोविड-19 की चपेट में है। इस कारण वह ज्यादा बात नहीं कर सकता, लेकिन उसने यह भी कहा कि वह कई दशकों से यह कारोबार कर रहा है और पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से उसके अच्छे संबंध रहे हैं। अनीश के इशारे पर नौरोजाबाद थाने में उसकी स्क्रैप से लदी गाड़ी पकड़ी गई थी, जबकि पूरा माल एक नंबर का बिल सहित था।
इस संबंध में हमने सबसे अंत में शहडोल रेंज के मुखिया जी.जनार्दन राव से संपर्क साधा तो, उन्होनें भी शमीम से हुई चर्चा की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि संभवत: जुलाई माह में उमरिया जिले के नौरोजाबाद थाने में शमीम की गाड़ी पकड़ी गई थी, इस संदर्भ में उसने फोन लगाया था, शमीम से कोई रिश्ते नहीं है, यह अनपौचारिक बात थी। श्री राव ने यह भी बताया कि जब गाड़ी के दस्तावेजों की जांच की गई तो, बाकी सब दस्तावेज सही पाये गये थे, लेकिन जिस वाहन को काटकर स्क्रैप ले जाया जा रहा था, उससे काटने के लिए परिवहन विभाग से अनुमति ली जानी चाहिए थी, लेकिन नहीं ली गई थी।
वॉयरल ऑडियो के संदर्भ में की गई पड़ताल ने ऑडियो के सच होने की पुष्टि तो कर दी, लेकिन जिस अंदाज में जबलपुर के कथित कबाड़ के कारोबारी ने रेंज के मुखिया से बात की, उससे रेंज तो क्या पूरे मध्यप्रदेश की पुलिस का सिर शर्म से झुक सकता है, ऑडियो में शमीम ने यह भी कहा कि मेरे पास लेन-देन के सब ऑडियो और वीडियो हैं, जिसे मैं ऊपर तक पहुंचा दूंगा, तो लेने के देने पड़ जायेंगे। जिस बेबाकी से शमीम ने कुछ माह पहले एडीजी से धमकी भरे अंदाज में यह बातें कहीं और फिर कुछ माह तक यह मामला शांत रहा और फिर अचानक वॉयरल ऑडियो ने सब राज सामने कर दिये, आखिर दोनों के बीच कुछ तो रहा होगा, जिसके सामने आने के डर से एडीजी जैसा अधिकारी ने भी चुप्पी साध ली।

 

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