जो मित्र के सुख-दुख का हिस्सेदार नहीं बना ऐसी स्वार्थ की मित्रता किस काम की सलैया-बोरी के हिनौती धाम में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा मित्रता हो तो श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी – श्री देवशरण पाठक जी शास्त्री

जो मित्र के सुख-दुख का हिस्सेदार नहीं बना ऐसी स्वार्थ की मित्रता किस काम की
सलैया-बोरी के हिनौती धाम में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा
मित्रता हो तो श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी – श्री देवशरण पाठक जी शास्त्री


रीठी,कटनी।। सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन करते हुए कथा वाचक आचार्य देवशरण पाठक जी ने कहा कि मित्रता हो तो भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा जैसी हो। उन्होंने ने आगे कहा कि जो मित्र के सुख-दुख का हिस्सेदार नहीं बना ऐसी स्वार्थ की मित्रता किस काम की। अगर मित्रता करना ही है तो भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा जैसी करिए। सलैया-बोरी के हिनौती धाम में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को सुदामा चरित्र की कथा सुनने श्रोताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गौरतलब है कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी हिनौती धाम संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। जिसमें क्षेत्र के सभी लोग उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं। कार्यक्रम संयोजक डाक्टर बलराम मिश्रा ने बताया कि आज मंगलवार को कथा स्थल पर हवन पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जिसके बाद सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा। इस दौरान डॉ बलराम मिश्रा जगदीश अग्रवाल राजेश कंदेले विपिन तिवारी सतीश दुबे बिन्जन श्रीवास प्रभु दुबे कृष्ण कुमार निखर प्रणय मिश्रा मोती लाल नामदेव जगद पटेल पुरुषोत्तम कनकने मोहन रैकवार सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही।

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