संभाग में नियमों का कौन करायेगा पालन

अनुमति से ज्यादा भू-खण्ड पर हुआ निर्माण

रसूख के आगे बौना हुआ नपा प्रशासन

शहडोल। नगर पालिका के सुस्त रवैये के कारण भवन निर्माण की अनुमति लेने की प्रक्रिया महज खानापूर्ति बनकर रह गई है। नतीजतन शहर में भवन निर्माण बिना किसी रोकटोक नपा की शर्तों को ताक में रख किए जा रहे हैं। धड़ल्ले से हो रहे निर्माण के चलते शहर में ड्रेनेज व पार्किंग की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। संभागीय मुख्यालय में वार्ड नंबर 21 मदन एजेंसी के बगल में रहने वाले यूसुफ खान नामक व्यक्ति द्वारा भवन का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन उक्त भवन मालिक द्वारा नपा के कायदों सहित जितने भू-खण्ड पर भवन निर्माण की अनुमति मिली है, उससे कहीं अधिक निर्माण कराकर नपा में बैठे जिम्मेदार सहित जिले में बैठे अन्य अधिकारियों को मुंह चिढ़ा रहे है।
शर्तें पूरी नहीं होने से यह नुकसान
नपा अधिकारियों की अनदेखी के कारण कथित भवन निर्माणकर्ता द्वारा शर्तों व नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे विकसित हो रहे भवन निर्माण में सारे मापदंडों को ताक में रखा जा रहा है। नगर पालिका के अनुसार कुछ समय से शासन ने मकान की स्वीकृति लेने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद से नगर पालिका द्वारा अनुमति नहीं दी जाती है। इसलिए संबंधित को ऑनलाइन ही फाइल अपलोड कर स्वीकृति लेना पड़ती है। शहर में बिना अनुमति बेसमेंट और तीन से चार मंजिला इमारतें शासन के नियम निर्देशों को ताक में रखकर बनाई जा रही हैं। नगर पालिका द्वारा जहां बगैर अनुमति के निर्माण पर कार्यवाही नहीं कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अनुमति क्षेत्र से बढ़कर होने वाले निर्माणकर्ताओं के साथ जिम्मेदार गलबईया खेल रहे हैं।
मनमर्जी से हुआ निर्माण
संभागीय मुख्यालय में एक से ज्यादा मंजिल के भवन निर्माण की अगर अनुमति देखी जाये तो, कई ऐसे भवन देखने को मिलेंगे, जिनके पास एक या दो मंजिल से ज्यादा निर्माण की अनुमति नहीं है, स्थिति यह है कि इन बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा के उपाय भी नहीं हैं। बिना अनुमति बन रहे भवनों पर नगर पलिका भी कोई कार्रवाई नहीं करती। इससे अधिकांश लोग निर्माण अनुमति के लिए आवेदन देने ही नहीं आते। यदि कुछ को नगर पालिका और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति मिली भी है तो, भवन मालिक नियम कानून को ताक में रखकर अपनी मनमर्जी से निर्माण शुरू कराते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण वार्ड नंबर 21 मदन एजेंसी के बगल में रहने वाले यूसुफ खान की भवन को देखकर सहज ही समझा जा सकता है।
यह है नपा में भवन निर्माण की शर्ते
भवन निर्माण स्वयं की भूमि पर करेंगे। सरकारी रोड की पटरी, पेयजल लाइन। नाली पर अतिक्रमण नहीं होगा। भवन निर्माण में सीढ़ी या बालकनी का निर्माण स्वयं की भूमि पर करेंगे। सेफ्टी टैंक पद्धति से शौचालय का निर्माण करना होगा। गंदे पानी की निकासी के लिए नपा की नाली तक नाली का निर्माण करना होगा। बिल्डिंग लाइन मैंटेन करना होगी, निर्माण सामग्री स्वयं की भूमि पर रखे। भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाना व सेडबैक की जगह छोडऩा अनिवार्य रूप से आवश्यक है। पड़ोसियों की छत से ऊपर सेफ्टी टैंक का पाइप होना तथा पड़ोसियों के हितों का ध्यान रखा जाए। चिह्नित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं होगा। कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की सूचना के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है।
आवासीय की स्वीकृति पर व्यवसायिक निर्माण
मुख्यालय में वार्ड नंबर 21 मदन एजेंसी के बगल में रहने वाले यूसुफ खान नामक व्यक्ति द्वारा पालिका से आवासीय स्वीकृति लेेने की खबर है, सूत्रों की माने तो कथित रसूखदार द्वारा मौके पर व्यवसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। स्वीकृति के अनुसार निर्माण नहीं होने पर पालिका ने संभवत: नोटिस जारी नहीं किया, राजनीति रसूख के चलते धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है, लेकिन नपा में बैठे जिम्मेदारों द्वारा कार्यवाही न करने से अवैध निर्माणकर्ताओं को जहां बल मिल रहा है, वहीं नपा क्षेत्र में ऐसे निर्माण होने से राजस्व की हानि भी हो रही है।
इनका कहना है…
आपके माध्यम से जानकारी संज्ञान में आई है, अगर ऐसा हो रहा है तो गलत है। मैं तत्काल निर्माण रूकवाता हँू।
अमित तिवारी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी
नगर पालिका शहडोल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *