वाह रे…जिम्मेदार! गोहपारू में टुकड़ो में कटी कृषि भूमि

नियमों को दरकिनार कर खड़ा हो रहा कंक्रीट का जंगल

शहडोल। शहर सहित गांवों से लगी कृषि भूमि पर इन दिनों दलालों की नजर गड़ी हुई है, दलाल इन जमीनों को एग्रीमेंट या फिर कृषि भूमि के नाम से रजिस्ट्री कराकर बिना डायवर्सन अवैध प्लाटिंग कर बेंच रहे हैं, ऐसा करके यह लोग उन लोगों को गलत तरीके से फंसाकर प्लाट बेंचते हैं, जो कि अपना आशियाना बनाकर पाई-पाई जोड़ते हैं, इस अवैध कारोबार में प्रशासन की भी पूरी मदद मिल रही है, प्रशासनिक अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी इस ओर कार्यवाही नहीं करते हैं। अवैध प्लाटिंग का यह कारोबार जिले के गोहपारू जनपद मुख्यालय स्थित स्टेट हाइवे रोड पर चल रहा है।
मोटी कमाई की लालच
शहर की आबादी दिनो-दिन बढ़ती जा रही है, ऐसे में लोग अब खुद के आशियाने के लिए जमीन की खाक छान रहे हैं, जमीन दलाल इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं, उसके बाद उसे जमीन में अवैध प्लाटिंग कर बेचा जाता है, मोटी कमाई की लालच में दलाल सारे नियम कायदों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, सूत्रों की माने तो गोहपारू जनपद मुख्यालय में लाला नामक कथित दलाल द्वारा लगभग 4-5 एकड़ भूमि कौडिय़ों के दाम लेकर कच्ची रोड बनाकर प्लाट काटने का काम किया जा रहा है।
माटी-मोल ली कृषि भूमि
ग्रामीण इलाको में कृषि भूमि को टुकड़ों में काटकर बेचने का अवैध कारोबार इन दिनों चलन पकड़ रहा है, खबर है कि गोहपारू के तथाकथित नेताजी द्वारा किसानों की भूमि माटी-मोल लेकर बिना एसडीएम व टाउन एंड कंट्री प्लाटिंग से अनुमति लिए बगैर अवैध प्लाटिंग की जा रही है, चर्चा है कि कुछ ही दिनों में कृषि योग्य भूमि में प्लाट कट जायेंगे और कालोनियों को निर्माण हो जायेगा, सवाल यह उठता है कि अगर ऐसा होता है तो, जवाबदेही किसकी तय की जायेगी।
रसूखदार काट रहे प्लाट
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कालोनाइजर एक्ट के तहत कृषि भूमि पर प्लाटिंग करना प्रतिबंधित है, लेकिन यहां शासन की अनुमति के बिना ही कृषि योग्य भूमि को रसूखदारों द्वारा खरीदकर प्लाट काट रहे हैं, प्रापर्टी डीलिंग के धंधे में दर्जनों लोग अपने हाथ आजमा रहे है, सूत्रों की माने तो भू-माफियाओं के राजस्व अधिकारियों से मधुर संबंध और गुलाबी नोटों के चलते कृषि योग्य भूमि पर प्लाटिंग करने के बाद भी उन पर कोई आंच नहीं आती है। कानूनों को ठेंगा दिखाते हुए बिना लायसेंस के न केवल जमीन के खरीद-फरोख्त के धंधे में हाथ डालकर लाखों के वारे-न्यारे कर रहे हैं, बल्कि यहां-जहां तक मौका हाथ लगते ही कृषि योग्य भूमि पर प्लाटिंग कर सरकार द्वारा लागू नियमों का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं।
किसके सह पर फल-फूल रहा कारोबार
कृषि भूमि को समतल कर अवैध रूप से प्लाट काटकर बेचा जा रहा है वह पूर्ण रूप से अवैध है। जबकि वर्तमान मे राज्य शासन अवैध कालोनाईजर पर सख्ती बरत रही है तथा नियमानुसार पंजीयन कराने और डायवर्सन के साथ विधिवत अनुमति लेने तथा मूलभूत सुविधा होने के बाद ही राजिस्ट्री करा रही है। ऐसे मे बिना डायवर्सन और बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के खुलेआम साज सज्जा के साथ प्लाट बेचने का धंधा आखिर किसके शह पर चल रहा है।
कार्यवाही की मांग
गोहपारू जनपद में कृषि योग्य भूमि की टुकड़ों में काटकर खरीदी बिक्री हो रही है, नियमानुसार एसडीएम टाउन व कंट्री प्लानिंग कार्यालय में आवेदन देकर अनुमति लेनी होती है, चर्चा है कि उक्त प्लाटिंग के लिए कहीं से भी कोई अनुमति नहीं ली जा रही है, स्थानीय अधिकारियों से बात की जाए तो वह हर बार रटा-रटाया जवाब, कार्यवाही की जाएगी कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। जागरूक लोगों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले में स्वयं संज्ञान लेकर जांच टीम गठित कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये।

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